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शिमला, 08 अगस्त। शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में हो रही देरी को लेकर हिमाचल की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार और जिला प्रशासन को खुला अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिन के भीतर चुनाव नहीं करवाए गए तो भाजपा सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। शिमला में एक विशेष पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने सरकार पर भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद जानबूझकर चुनाव टालने और लोकतंत्र का गला घोंटने का गंभीर आरोप लगाया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वह कई दिन से डीसी शिमला को फोन कर रहे हैं, लेकिन उनके पास फोन सुनने का समय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि जैसे शिमला में डीसी नहीं डीसीसी अध्यक्ष काम कर रहे हों? उन्होंने कहा कि कई अन्य अधिकारी भी इसी तरह से काम कर रहे हैं, जिनको बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौरा ब्लॉक समिति मामले में स्पष्ट कहा है कि किसी अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक टालने का अधिकार नहीं है, क्योंकि मूल अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसी तरह नियमों को टालकर जिला परिषद के चुनाव टाले जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 12 में से 10 जिला परिषदों के चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से 9 पर भाजपा काबिज है। इन जिलों में कांग्रेस अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी तक नहीं उतार पाई है। उन्होंने कहा कि 4 में 3 नगर निगम भाजपा जीती है। इसी तरह अधिकारी स्थानीय शहरी निकाय एवं पंचायत समिति में भाजपा को जीत मिली है। प्रदेश में 70 फीसदी प्रधान भी भाजपा समर्थक जीते हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में चुनाव होने पर भाजपा सरकार बनाएगी।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को प्रदेश में कांग्रेस की हार का आभास था। इस कारण पहले डिजास्टर एक्ट लगाकर चुनाव टालने का प्रयास किया गया। बाद में जब भाजपा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट गई तो सरकार को चुनाव करवाने के लिए बाध्य होना पड़ा।
जयराम ठाकुर की पत्रकार वार्ता में शिमला जिला परिषद के 25 में से 13 भाजपा समर्थित सदस्य मौजूद रहे, जिनका जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने परिचय करवाया। नेता प्रतिपक्ष ने इस अवसर पर कहा कि स्पष्ट बहुमत भाजपा के पास है, जिस कारण चुनाव प्रक्रिया को टालने का प्रयास करके लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों, पूर्व विधायकों, पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय शहरी निकाय के भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से इसका डटकर विरोध करेगी और संवैधानिक तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी।
