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बिलासपुर, 05 सितंबर। बिलासपुर डिपो की बसों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बंदला रूट पर जा रही HP 69 1558 बस में उस समय अव्यवस्था देखने को मिली, जब बस की लाइटें काम नहीं कर रही थीं। जानकारी के अनुसार बस रोजाना की तरह बिलासपुर से ब्रह्मपुखर के लिए वाया बंदला अपने निर्धारित रूट पर निकली थी।
शाम होते ही जब बस में लाइट की जरूरत पड़ी तो पता चला कि बस की लाइटें ही काम नहीं कर रही थीं। ऐसे में यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, परिचालक को टिकट बनाने के लिए भी पर्याप्त रोशनी नहीं मिल रही थी।
इस पूरे मामले का एक यात्री द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बस के अंदर रोशनी न होने के कारण परिचालक फ्लैशलाइट की मदद से यात्रियों को टिकट देते हुए नजर आ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब बस की लाइटें काम नहीं कर रही थीं तो आखिर इसे रूट पर भेजने से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गई? बस को रूट पर तैनात करने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की जांच करना संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।
यात्रियों का कहना है कि यदि बस की लाइट जैसी बुनियादी सुविधा भी दुरुस्त नहीं है तो रात के समय इस बस का संचालन यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब सवाल यह है कि क्या बस को रूट पर भेजने से पहले संबंधित इंचार्ज ने बस की जांच की थी या नहीं? यदि जांच नहीं की गई तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक को मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
