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बिलासपुर, 21 सितम्बर। बंदला क्षेत्र के लिए संचालित एचआरटीसी बस सेवाएं बंद किए जाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिलासपुर डिपो प्रबंधन ने बिलासपुर से सुबह 7 बजे बंदला जाने वाली बस सेवा बंद कर दी है। इसके साथ ही शाम 5:30 बजे बिलासपुर से चलने वाली वह बस, जो बंदला होते हुए वापस बिलासपुर पहुंचती थी, अब सिहरा में ही रात्रि ठहराव कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम 5:30 बजे चलने वाली बस बंदला क्षेत्र के लोगों के लिए बिलासपुर जाने की अंतिम महत्वपूर्ण बस सेवा थी। इसके बंद होने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से शाम के समय गांव से बिलासपुर पहुंचने वाले यात्रियों के सामने परिवहन का संकट खड़ा हो गया है।
एक यात्री ने बताया कि 18 सितंबर को उन्हें अपनी बीमार बच्ची को अस्पताल में चेकअप के लिए बिलासपुर लाना था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि बस बिलासपुर तक नहीं जाएगी और सिहरा में ही रुक जाएगी, तो उन्हें मजबूरन टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। इससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। यात्री ने कहा कि यह लंबे समय से संचालित बस रूट है और टैक्सी से आने-जाने में हुए खर्च का बिल वह एचआरटीसी प्रबंधन को देने की बात कह रहे हैं।
वहीं, एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें बिलासपुर जाना था, लेकिन बस में उन्हें सिहरा का टिकट दिया गया और बताया गया कि बस अब बिलासपुर तक नहीं जाएगी। यात्रियों का कहना है कि अचानक रूट में किए गए इस बदलाव से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उपायुक्त को सौंपा पत्र
बस सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को उपायुक्त बिलासपुर को पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष बंदला के बंद किए गए बस रूटों को तुरंत प्रभाव से बहाल करने की मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा कि बस सेवा बंद होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों, बुजुर्गों और आम यात्रियों को परेशानी हो रही है। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि यदि बस सेवाएं शीघ्र बहाल नहीं की जाती हैं तो उन्हें संबंधित अधिकारी के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति प्रदान की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की मूलभूत जरूरत है। ऐसे में लंबे समय से संचालित बस सेवाओं को बंद करने अथवा रूट छोटा करने से पहले यात्रियों की सुविधा और उनकी वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। ग्रामीणों ने एचआरटीसी प्रबंधन से बंदला के लिए पूर्व निर्धारित बस सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग की है।
