Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

हिमाचल: IGMC शिमला में सर्जरी के बाद 12 वर्षीय बच्ची की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Anil Kashyap
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 13 अगस्त। राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में एक 12 वर्षीय बच्ची की सर्जरी के बाद हुई मौत पर भारी बवाल खड़ा हो गया है। मृतका की पहचान हिमांशी के रूप में हुई है, जो हमीरपुर जिले के समीरपुर के समीप पजोत गांव की रहने वाली थी। परिजनों ने सर्जरी करने वाले डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, बेटी खोने के गम में डूबे परिवार को अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए भी भारी अव्यवस्थाओं और लेटलतीफी का सामना करना पड़ा।

मां का आरोप-अंदरूनी रूप से पूरी तरह स्वस्थ थी मेरी बेटी

मृतका की माता सीमा शर्मा ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी अंदरूनी रूप से पूरी तरह स्वस्थ थी और सामान्य रूप से खा-पी रही थी। मां का आरोप है कि ऑप्रेशन के बाद बच्ची की हालत बिगड़ी और उसे पाइपें डालकर वैंटीलेटर पर रख दिया गया। आखिरकार गुरुवार तड़के 4:59 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही उनकी 12 साल की बेटी की जान गई है।

सरहद पर तैनात है फौजी पिता, अस्पताल में बेबस मां और छोटा भाई

इस घटना ने परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है। मृतका हिमांशी के पिता भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में देश की सीमा पर तैनात हैं। ऐसे में अस्पताल में मृतका के साथ केवल उसकी मां और एक नाबालिग भाई ही मौजूद हैं। पति के दूर होने के कारण बेबस मां और छोटा भाई इस दुखद घड़ी में अस्पताल में अकेले ही दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

पोस्टमार्टम को लेकर हुआ भारी ड्रामा, खुली व्यवस्थाओं की पोल

बच्ची की मौत के बाद अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर भारी ड्रामा देखने को मिला। माता सीमा शर्मा का आरोप है कि बच्ची की मृत्यु सुबह 4:59 बजे हो गई थी, लेकिन हमीरपुर पुलिस को इसकी सूचना जानबूझकर सुबह 9 बजे के बाद दी गई। परिजनों का कहना है कि जब वे समय पर पोस्टमार्टम के लिए फोरैंसिक विभाग पहुंचे तो वहां ताला जड़ा मिला। दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने लेटलतीफी का ठीकरा पुलिस पर फोड़ते हुए कहा कि हमीरपुर पुलिस के जांच अधिकारी के समय पर न पहुंचने के कारण प्रक्रिया रुकी रही। इस घोर अव्यवस्था के चलते गुरुवार को बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।

पोस्टमार्टम के लिए कोई पहुंचा ही नहीं : डॉ. राहुल गुप्ता

इस मामले में आईजीएमसी के फोरैंसिक मैडीसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफैसर डॉ. राहुल गुप्ता ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने सोलन से आए एक अन्य शव का पोस्टमार्टम किया था। हमारा विभाग शाम 4 बजे बंद हो जाता है, इसके बावजूद हम 15-20 मिनट अतिरिक्त बैठे रहे, लेकिन बच्ची के पोस्टमार्टम के लिए वहां कोई नहीं पहुंचा।

4 माह पहले जली थी बच्ची, 6 डॉक्टरों ने किया ऑप्रेशन: डॉ. पुनीत महाजन

लापरवाही के आरोपों पर आईजीएमसी के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि बच्ची करीब 4 माह पहले आग से झुलस गई थी। डॉक्टरों के इलाज से ही वह अब तक ठीक हुई थी। जलने के कारण उसकी गर्दन जुड़ गई थी, जिसकी सर्जरी की जा रही थी। गर्दन जुड़ी होने के कारण उसे बेहोश करने में भी समस्या आ रही थी। डॉ. महाजन ने बताया कि 4 वरिष्ठ डॉक्टरों सहित कुल 6 डॉक्टर इस जटिल ऑप्रेशन को कर रहे थे। उन्होंने खुद शाम 7 बजे जाकर मरीज का जायजा लिया था। डॉ. महाजन ने स्पष्ट किया कि मृत्यु के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चलेगा, लेकिन हमीरपुर से आईओ के देरी से पहुंचने के कारण पोस्टमार्टम में विलंब हुआ है।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!