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कांगड़ा, 01 जुलाई। हिमाचल प्रदेश की लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त कारागार धर्मशाला में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां से एक विचाराधीन महिला कैदी अचानक बैरक से फरार हो गई। हालांकि, कांगड़ा पुलिस और जेल स्टाफ की मुस्तैदी के चलते महिला कैदी के भागने के मंसूबे ज्यादा देर टिक नहीं सके। पुलिस ने सर्च ऑप्रेशन चलाकर महज 3 घंटे के भीतर ही फरार कैदी को नूरपुर से दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार विचाराधीन महिला कैदी की पहचान अरविंदर कौर पुत्री सुखविंदर कौर, निवासी ग्राम बल्टोहा जोधसिंह वाला, तहसील पट्टी, जिला तरनतारन (पंजाब) के रूप में हुई है। अरविंदर कौर नूरपुर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 52/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 (नशा तस्करी) के मामले में विचाराधीन थी। मंगलवार सुबह लगभग 9:11 बजे वह महिला बैरक से अचानक फरार हो गई। कैदी के गायब होने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी गई और कैदी की तलाश के लिए पूरे जिले में नाकाबंदी कर व्यापक सर्च अभियान शुरू किया गया। पुलिस एवं जेल विभाग के बेहतरीन तालमेल के चलते लगभग दोपहर 12 बजे फरार महिला कैदी को उप-कारागार नूरपुर के जेल स्टाफ तथा पुलिस स्टाफ ने नूरपुर क्षेत्र से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
जिला कारागार धर्मशाला के अधीक्षक विकास भटनागर ने बताया कि एक महिला कैदी का जेल से भागना सुरक्षा में बड़ी चूक है। भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कारागार विभाग ने इस घटना की जांच एक एसपी स्तर के अधिकारी को सौंप दी है। मामले में नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है कि आखिर कैदी जेल से बाहर निकलने में कैसे कामयाब हुई।
फरार कैदी को 3 घंटे के भीतर पकड़ने में उत्कृष्ट कर्त्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले उप-कारागार नूरपुर के वार्डर दीपक कुमार और वार्डर प्रीतम कुमार को सम्मानित किया जाएगा। महानिदेशक कारागार अभिषेक त्रिवेदी द्वारा इन दोनों कर्मचारियों को प्रतिष्ठित डीजी डिस्क अवार्ड तथा प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
