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शिमला, 26 जुलाई। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) में बस निरीक्षण के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मंडी डिवीजन में दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों पर निरीक्षण प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है।
आरोप है कि निरीक्षण करने के बजाय उन्होंने अपना लॉगिन id परिचालकों को दे दिया और परिचालकों ने यात्रियों के टिकट काटने के बाद खुद ही निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया मशीन में दर्ज कर दी। मामले का खुलासा होने के बाद निगम प्रबंधन ने दो इंस्पेक्टर और एक परिचालक को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
HRTC की व्यवस्था के अनुसार बस निरीक्षण के दौरान इंस्पेक्टर टिकटिंग मशीन को अपने नियंत्रण में लेकर उसे लॉक करता है। इसके बाद वह अपने लॉगिन id से मशीन में प्रवेश कर यात्रियों की टिकटों का मिलान करता है और निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार करता है। यदि कोई यात्री बिना टिकट मिलता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है और संबंधित परिचालक के खिलाफ भी कार्रवाई होती है।
मगर मंडी डिवीजन में सामने आए मामले में इंस्पेक्टरों ने अपना लॉगिन id ही परिचालकों को सौंप दिया। परिचालकों ने उसी id का इस्तेमाल कर मशीन में निरीक्षण की एंट्री कर दी, जबकि वास्तविक जांच हुई ही नहीं। इतना ही नहीं, यात्रा बिलों पर निरीक्षण के अनिवार्य हस्ताक्षर भी नहीं किए गए।
निगम मुख्यालय को जब इस पूरे मामले की भनक लगी तो क्षेत्रीय प्रबंधक स्तर पर जांच कराई गई। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। दो परिचालक इस प्रक्रिया में शामिल पाए गए। इनमें से एक परिचालक को सरकारी गवाह बनाया गया है। उसने जांच के दौरान स्वीकार किया कि वह इंस्पेक्टर के दबाव में ऐसा कर रहा था। बताया जा रहा है कि दूसरा परिचालक भी सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए HRTC प्रबंधन ने इंस्पेक्टर गुरदयाल, इंस्पेक्टर चमन लाल और एक परिचालक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। निगम ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बस निरीक्षण की प्रक्रिया की नियमित जांच करें, ताकि कहीं और इस तरह का फर्जीवाड़ा न हो रहा हो।
HRTC के मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल ने बताया कि निलंबन के बाद संबंधित कर्मचारियों को चार्जशीट जारी की जाएगी। उनसे जवाब मांगा जाएगा और जांच रिपोर्ट व स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि नियमों के गंभीर उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नौकरी से बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
