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शिमला, 18 जुलाई। राजधानी शिमला के बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम द्वारा छेड़ी गई मुहिम अब बड़े बवाल में तब्दील हो गई है। पिछले 15 दिनों से प्रशासन लोअर बाजार, राम बाजार सहित अन्य क्षेत्रों से तहबाजारियों को हटा रहा है और अवैध रूप से सड़कों पर बैठे लोगों का सामान जब्त किया जा रहा है। इस सख्त कार्रवाई के विरोध में गुस्साए तहबाजारी लगातार अपना कामकाज छोड़कर सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार व नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
शुक्रवार को लोअर बाजार में तहबाजारियों का एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। रोजगार छिनने से परेशान तहबाजारियों ने हाथों में कटोरा लेकर सड़कों पर भीख मांगी और निगम की नीतियों पर अपना रोष प्रकट किया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े और वह बिलख-बिलख कर रोने लगी। महिला ने रुंधे गले से बताया कि उसकी आजीविका इसी दुकान से चलती है। अब निगम उन्हें बैठने नहीं दे रहा, जिससे घर में राशन तक की कमी हो गई है और बीमारों की दवाइयों के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने प्रशासन से रहम की गुहार लगाते हुए रोजगार करने की अनुमति मांगी है।
लोअर बाजार तहबाजारी यूनियन के उप-प्रधान ओम प्रकाश ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम तहबाजारियों का लगातार शोषण कर रहा है। 15 दिन से काम बंद होने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजबूर होकर उन्हें भीख मांगनी पड़ रही है। यूनियन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि वे पिछले 40 वर्षों से लोअर बाजार में ही अपना कारोबार कर रहे हैं और वे यहां से उठकर आजीविका भवन में बिल्कुल शिफ्ट नहीं होंगे। विरोध को तेज करते हुए तहबाजारियों ने डीसी ऑफिस के बाहर भी जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उनके एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर अपना पक्ष और अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं। हालांकि, प्रशासन के रुख में कोई नरमी नहीं दिखी और शुक्रवार को भी निगम की कार्रवाई जारी रही, जहां कई अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया गया।
उधर, लोअर बाजार का विवाद थमा भी नहीं था कि लक्कड़ बाजार में एक नया हंगामा खड़ा हो गया। यहां नगर निगम ने सभी तहबाजारियों को हटा दिया था, लेकिन एक कार्ड धारक तहबाजारी को बैठने की अनुमति दे दी। प्रशासन की इस व्यक्ति विशेष पर मेहरबानी को देखकर लक्कड़ बाजार के कारोबारी भड़क उठे। दुकानदारों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए इसका कड़ा विरोध किया और बाजार की सभी दुकानें बंद कर शटर गिरा दिए। दुकानें बंद होने के बाद लक्कड़ बाजार में माहौल पूरी तरह गर्मा गया और कारोबारियों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
दुकानदारों ने इस कथित भेदभाव की शिकायत तुरंत मेयर सुरेंद्र चौहान और निगम आयुक्त से की। काफी देर तक चली तीखी बहसबाजी और भारी हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए उस कार्ड धारक तहबाजारी को वहां से उठाया, जिसके बाद ही लक्कड़ बाजार में मामला शांत हो सका। दुकानदारों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
