Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

हिमाचल: तांत्रिक विद्या का खौफ दिखाकर युवती से दरिंदगी, पंचायत प्रधान को कठोर कारावास

News Updates Network
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 30 जून। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर (स्थित रामपुर) ने एक नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ दुराचार के मामले में सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने तांत्रिक विद्या और मौत का डर दिखाकर 13 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने के जुर्म में एक पूर्व पंचायत प्रधान को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान 43 वर्षीय किशोरी लाल पुत्र मनु राम के रूप में हुई है, जो रामपुर क्षेत्र की ही एक पंचायत का प्रधान रह चुका है।

इस फैसले की जानकारी देते हुए उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि घटना के समय पीड़िता की आयु मात्र 13 वर्ष थी, वह 8वीं कक्षा की छात्रा थी और अपनी नानी के साथ रहती थी। मामले के अनुसार बीते 21 सितम्बर को जब पीड़िता स्कूल जा रही थी, तब आरोपी किशोरी लाल ने उसे रास्ते में रोका और उसके गले में पहनी हुई रुद्राक्ष की माला के बारे में पूछकर उसे छुआ। उसी दिन शाम को आरोपी ने स्कूल से लौट रही पीड़िता की सहेली को रोका और एक मनगढ़ंत कहानी रची। आरोपी ने सहेली से कहा कि सुबह जब उसने पीड़िता की रुद्राक्ष की माला को छुआ था, तो उसे झटका लगा था। आरोपी ने दावा किया कि वह मुस्लमानी विद्या (तांत्रिक विद्या) जानता है और मंत्रों के जरिए इसका इलाज करना होगा, अन्यथा पीड़िता के परिवार के सभी लोग मारे जाएंगे। सहेली ने जब यह खौफनाक बात पीड़िता को बताई, तो वह बुरी तरह डर गई।

इसी डर का फायदा उठाते हुए 15 अक्तूबर को आरोपी ने नाबालिग को अपने घर बुलाया और उसे पानी पिलाया। इसके बाद उसने पीड़िता पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। जब पीड़िता घबराकर वहां से भागने लगी, तो आरोपी ने उसे जबरन हाथ से पकड़ कर वापस खींचा और उसके साथ दुराचार किया। वारदात के बाद भी आरोपी तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा। वह उस पर फोन पर बात करने और प्यार करने का दबाव डालता था।

आरोपी की इन घिनौनी हरकतों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अपनी नानी को सारी आपबीती बता दी। नानी ने तुरंत पीड़िता के माता-पिता को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया। अदालत में ट्रायल के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने कड़ी पैरवी की। उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि मामले की पुष्टि के लिए अदालत में करीब 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और फॉरेंसिक लैब भेजे गए सैंपलों की वैज्ञानिक रिपोर्ट भी पेश की गई। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी किशोरी लाल पर लगे सभी आरोपों को सही पाया और उसे 20 साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!