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शिमला, 20 जून। अदालत के आदेशों को हल्के में लेना और पत्नी को गुजारा भत्ता न देना शिमला के एक व्यक्ति को इतना भारी पड़ा कि अब उसे न सिर्फ जेल की हवा खानी पड़ी है, बल्कि उसकी संपत्ति भी छिनने वाली है। जिला पुलिस शिमला ने न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरैंस नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस थाना कुमारसैन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक ऐसे भगोड़े पति को धर दबोचा है, जो कोर्ट के 4 गैर-जमानती वारंटों के बावजूद पुलिस को चकमा दे रहा था।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान निहाल पुत्र भगत राम निवासी गांव कंडा, डाकघर चैकु व तहसील कुमारसैन (जिला शिमला) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ उसकी पत्नी ने वर्ष 2022 में घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की धारा 20(1) के तहत भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) का मामला दर्ज करवाया था, जो जेएमएफसी करसोग के न्यायालय में विचाराधीन था।
बकाया पहुंचा 2 लाख के पार, कोर्ट ने जारी किए 4 वारंट
न्यायालय ने आरोपी निहाल को बार-बार पत्नी को गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए, लेकिन उसने हर बार अदालत के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं। लगातार पैसे न देने के कारण यह बकाया राशि बढ़कर 2 लाख रुपए से अधिक हो गई। इसी घोर लापरवाही और अदालती आदेशों की अवमानना पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने उसके खिलाफ एक-दो नहीं, बल्कि 4 गैर-जमानती वारंट जारी किए थे, जिसके बाद कुमारसैन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा आरोपी निहाल को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले की गंभीरता और आरोपी के अड़ियल रवैये को देखते हुए अदालत ने बेहद सख्त आदेश पारित किया है। न्यायालय ने पत्नी के भरण-पोषण की बकाया राशि वसूलने के लिए संबंधित राजस्व अधिकारियों को आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दे दिए हैं। यानी अब उसकी जमीन-जायदाद से पत्नी के हक का पैसा वसूला जाएगा।
इस पूरी कार्रवाई पर कड़ा संदेश देते हुए एएसपी शिमला,अभिषेक ने स्पष्ट किया है कि पुलिस न्यायालयों द्वारा जारी वारंटों की तामील और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि न्यायालयी आदेशों की अवहेलना करने वाले या कानून से भागने वाले किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
