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शिमला, 27 मई। वर्ष 1998 बैच के आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को राज्य सरकार ने सेवानिवृत्ति से 5 दिन पहले मुख्य सचिव पद पर नियमित तैनाती दी है। इससे पहले अक्तूबर, 2025 में उनको मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया था। अब यदि राज्य सरकार उनको सेवा विस्तार देने के विकल्प पर आगे नहीं बढ़ती तो वह 31 मई को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। मुख्य सचिव का अतिरिक्त दायित्व संभालने के बाद संजय गुप्ता का नाम सोलन जिला के चेस्टर हिल विवाद से जोड़ा गया। इस मुद्दे पर विपक्षी भाजपा और माकपा ने उनको पद से हटाए जाने की मांग भी की। हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को लगातार नकारा है।
संजय गुप्ता की मुख्य सचिव पद पर नियमित नियुक्ति के बाद वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी एवं सचिव सहकारिता अमरजीत सिंह को टीसीपी और आवास का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले बतौर कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता इन 2 महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व देख रहे थे। सरकार ने इसके अतिरिक्त 1 एचएएस अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मा जबकि 1 अन्य का तबादला किया है।
इसके तहत अतिरिक्त सचिव (राजस्व-डीएमसी) व कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे निशांत ठाकुर को उप सचिव रीटा वालिया की तरफ से संभाले जा रहे विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ऊना विनय मोदी को एसी टू डीसी ऊना के पद पर तबदील किया गया है। उनके पास सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ऊना के पद का अतिरिक्त दायित्व भी रहेगा।
वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत मुख्य सचिव पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। सरकार के पास वर्ष 1994 बैच के आईएएस अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा का विकल्प भी मौजूद है, लेकिन विमल नेगी आत्महत्या विवाद के बाद उनके नाम पर सहमति बनने की संभावनाएं कम नजर आ रही हैं। ऐसे में सरकार के पास एक अन्य विकल्प वर्ष 1995 बैच के आईएएस अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में आरडी नजीम का है।
राज्य सरकार के पास केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे 2 आईएएस अधिकारियों वर्ष 1994 बैच की अधिकारी अनुराधा ठाकुर और वर्ष 1995 बैच के भरत हरवंस खेड़ा का विकल्प भी मौजूद है। यह तभी संभव है, जब यह दोनों अधिकारी सरकार की सहमति के बाद प्रदेश में सेवाएं देने को तैयार होंगे।
