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शिमला, 03 अप्रैल। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC), शिमला में अत्याधुनिक न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण पहल के साथ ही हिमाचल प्रदेश में पहली बार सरकारी क्षेत्र में पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि PET स्कैन तकनीक रोगों का प्रारंभिक स्तर पर ही मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लगाने में सक्षम है। यह पारंपरिक इमेजिंग तकनीकों जैसे CT और MRI के मुकाबले काफी पहले शरीर में होने वाले परिवर्तनों का संकेत देती है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा कैंसर के स्टेज निर्धारण, उपचार के प्रभाव का मूल्यांकन, बीमारी की पुनरावृत्ति की पहचान और रोग के पूर्वानुमान में बेहद अहम भूमिका निभाएगी।
PET स्कैन तकनीक का उपयोग मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर, थायरॉयड, फेफड़ों, ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल और अन्य कई प्रकार के कैंसर के निदान और प्रबंधन में व्यापक रूप से किया जाता है। इसके अलावा अब इसका इस्तेमाल हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, संक्रमण और सूजन से जुड़ी बीमारियों के आकलन में भी किया जा रहा है, खासकर उन मामलों में जहां पारंपरिक जांचों से स्पष्ट परिणाम नहीं मिल पाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में IGMC में 3 टेस्ला MRI मशीन भी शुरू की गई है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी, ताकि लोगों को उनके घर के नजदीक ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने IGMC शिमला में SPECT-CT स्कैन मशीन की स्थापना के लिए 8 करोड़ रुपये की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, संजय अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
