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शिमला, 03 अप्रैल। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के सीएसआर खर्चों और हिमाचलियों काे 70 फीसदी नौकरी न देने के मामलों की जांच की जाएगी। कोताही बरतने वाले उद्योगों को रियायतें राेकने की भी मंत्री ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि विधायकों को भी सीएसआर खर्च करने में सलाह देने का प्रावधान किया जाएगा। कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी ने गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान अर्की विधानसभा क्षेत्र के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि सीएसआर की राशि खर्च करने में जनप्रतिनिधियों की सलाह नहीं ली जाती है। उद्योग स्थापित करने के समय एमओयू में आईटीआई स्थापित करने की बात हुई थी, लेकिन यह बात हटा दी गई है। लिखित जवाब में बताया गया है पंचायत प्रधानों से सीएसआर खर्च करने को लेकर सलाह ली गई है। उन्होंने कहा कि यह सूचना गलत है। जवाब में उद्योग मंत्री ने कहा कि लाभ का दो फीसदी हिस्सा उद्योगपतियों को सीएसआर के तहत खर्च करना होता है। यह राशि प्रदेश के विकास पर खर्च हो, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उद्योगपति तय नियमों के अनुसार 70 फीसदी हिमाचलियों को नौकरियां दे रहे हैं या नहीं। इसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा पंचायत प्रधानों ने सीएसआर खर्च करने के लिए क्या सलाह दी, इसकी भी जांच होगी।
लाहौल स्पीति से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा ने शून्यकाल में कुंजुम दर्रा बहाली का काम कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी के धीमे काम पर असंतोष जताया। कहा कि कंपनी कछुआ चाल से काम कर रही है। काम में तेजी लाने के लिए कहा जाए तो कंपनी के प्रतिनिधि झूठ बोलते हैं और बहाने बनाते हैं। सड़क बहाली के लिए सिर्फ एक जेसीबी लगा रखी है। इस कंपनी को तुरंत ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए।
अनुराधा ने कहा कि अगर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय लोगों के साथ उन्हें बीआरओ कार्यालय के बाहर धरना देना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठाानिया ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है और कंपनी पर कार्रवाई हो इसका प्रयास किया जाएगा।
