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शिमला, 15 अप्रैल। Jairam Thakur ने शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान मंडी के सरकाघाट में 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह घटना हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट संकेत है।
उन्होंने बताया कि कॉलेज जा रही छात्रा पर एक युवक ने धारदार हथियार से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे पूरे प्रदेश में भय का माहौल बन गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं पीड़ित परिवार से मिले और उनके दर्द को करीब से महसूस किया। छात्रा के पिता, जो निजी वाहन चालक हैं, गहरे सदमे में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। सुबह तक बेटी से बात करने वाले पिता को कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर मिली—यह बेहद दर्दनाक स्थिति है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद मामले की गहराई से जांच जरूरी है। यह भी जांच होनी चाहिए कि आरोपी अकेला था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
उन्होंने इस घटना को प्रदेश में बढ़ते नशे से जोड़ते हुए कहा कि नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में एनडीपीएस के 6200 से अधिक मामले सामने आए हैं और 66 लोगों की मौत ओवरडोज से हुई है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सरकार की ओर से ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई। एक 19 वर्षीय बेटी की हत्या के बाद संवेदना तक व्यक्त न करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि खराब सड़क व्यवस्था के कारण छात्रा को बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी पैदल चलना पड़ता था, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। अंत में उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो तथा दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
