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शिमला, 19 फरवरी। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि भाजपा के लिए हिमाचल प्रदेश के हित सदैव सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जब सदन के भीतर उनका पक्ष नहीं सुना गया, तब विपक्ष को वेल में आकर विरोध दर्ज करवाना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र सरकार और भाजपा पर फोड़कर अपने राजनीतिक मकसद को हासिल करना चाहती है। जहां तक राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और हिमाचल हित की बात है, तो उसको लेकर भाजपा अपने तरीके से केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र से उदार वित्तीय मदद मिली है, जिसका उल्लेख राज्य सरकार करना नहीं चाहती। जयराम ठाकुर विधानसभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जवाब देते हुए लगातार गलत आंकड़े पढ़ रहे थे।
उसका उत्तर देने के लिए सदन में भाजपा को समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे थे कि हिमाचल हित के लिए 15वें वित्तायोग में बहुत बढ़िया काम किया था। उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा ने अपना पक्ष प्रभावी तरीके से रखा, जिसे कांग्रेस सरकार 16वें वित्तायोग के समक्ष नहीं रख पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट सत्र में राज्यपाल अभिभाषण पर पहले चर्चा करने की बजाय आरडीजी को राजनीतिक मकसद से चर्चा के लिए लाया गया। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार 17 मार्च को केंद्रीय बजट पास होने का इंतजार कर रही है, उसके बाद ही 18 मार्च से बजट सत्र शुरू होगा।
विधानसभा की बैठक समाप्त होने के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और भाजपा की तरफ से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में नारेबाजी की गई। दोनों पक्षों ने नारेबाजी के माध्यम से खुद को हिमाचल का हितैषी बताया तथा विरोधी पक्ष पर प्रदेश हितों की अनदेखी का आरोप जड़ा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा प्रत्याशी उतारने को लेकर हाईकमान निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के स्तर पर इस विषय पर चर्चा होगी तथा उसके बाद ही इस दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
