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श्रीनगर, 19 फरवरी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने श्रीनगर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हाल ही में हुए मुफ्त व्यापार समझौतों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये समझौते हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किसानों और बागवानों के हितों पर सीधा कुठाराघात हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा न्यूज़ीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों के तहत सेब, अखरोट, बादाम सहित अन्य फलों पर आयात शुल्क में कमी की गई है। इससे विदेशी फलों का आयात बढ़ेगा और स्थानीय किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इन नीतियों के दुष्परिणाम आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि और बागवानी पर आधारित है। हिमाचल में सेब बागवानी से लगभग 5,000 करोड़ रुपये का वार्षिक योगदान होता है और करीब 2.5 लाख परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़ी है। ऐसे में आयात शुल्क में कमी से स्थानीय बागवानों पर गंभीर आर्थिक संकट आ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से बागवानों को कोई विशेष राहत या समर्थन नहीं मिला है, जो कि पहाड़ी राज्यों के साथ अन्याय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उन्होंने विपक्ष के नेता Rahul Gandhi का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लगातार किसानों और आम जनता की आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उन्हें बोलने से रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और पार्टी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
