Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

सुक्खू सरकार ने अधिकारियों से मांगा हिसाब, बताना होगा किसके पास कितनी संपत्ति

News Updates Network
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 21 जनवरी। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने हिमाचल कैडर के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS अधिकारियों को अपनी अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। वर्ष 2025 की अचल संपत्ति विवरणी (आईपीआर) हर हाल में 31 जनवरी तक भरनी होगी, जो 1 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार होगी।

कार्मिक विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय तिथि के बाद ऑनलाइन मॉड्यूल स्वतः बंद हो जाएगा और इसके बाद किसी भी अधिकारी को विवरण भरने का अवसर नहीं मिलेगा। सरकार का साफ संदेश है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह कदम भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के 23 दिसंबर 2025 को जारी निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है।

नियमों के अनुसार सभी IAS अधिकारियों के लिए समय पर आईपीआर दाखिल करना अनिवार्य है। यदि कोई अधिकारी निर्धारित समयसीमा में अपनी संपत्ति का विवरण नहीं देता है, तो इसका सीधा असर उसकी सेवा शर्तों पर पड़ सकता है।

विभाग ने चेताया है कि आईपीआर जमा न करने या अधूरी जानकारी देने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की अगली वेतन वृद्धि, वेतन मैट्रिक्स में नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे साफ है कि सरकार इस मामले में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। आईपीआर केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भरी जाएगी।

इसके लिए अधिकारियों को SPARROW (स्पैरो) पोर्टल का उपयोग करना होगा। हार्ड कॉपी भेजने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभाग ने यह भी ध्यान दिलाया है कि कई बार अधिकारी विवरण भरने के बाद ई-साइन नहीं करते, जिससे आईपीआर अधूरी रह जाती है। इसलिए सभी अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नव नियुक्त IAS अधिकारियों और प्रोबेशनरों के लिए भी यही निर्देश जारी किए गए हैं। कार्मिक विभाग ने कहा है कि उनके SPARROW खाते समय रहते सक्रिय करवाए जाएं, ताकि वे भी तय अवधि के भीतर अपनी संपत्ति विवरणी दाखिल कर सकें। इसके लिए सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों की समय पर अनुपालन सुनिश्चित करें।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!