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शिमला, 21 जनवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की पहली पोषण नीति तैयार करेगी, जिससे लोगों को समग्र रूप से बेहतर पोषण और खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य में पहले से संचालित एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस), मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए यह नीति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूट्रिशनल प्रोफाइलिंग बेहद आवश्यक है, ताकि आम जनता को भोजन में मौजूद पोषक तत्वों, कैलोरी और फूड फोर्टिफिकेशन के प्रति जागरूक किया जा सके। इसके लिए नीति को अंतिम रूप देने से पहले राज्य में पोषण और खाद्य परीक्षण से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किया जाएगा तथा नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। पहले चरण में कांगड़ा जिले में नई फूड टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी, जबकि भविष्य में राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी क्षेत्रीय परीक्षण प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिले के बद्दी में नई प्रयोगशालाएं खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंडाघाट लैब को मजबूत करने के लिए 8.50 करोड़ रुपये और कांगड़ा में फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रयोगशालाओं के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव जितेंद्र सांजटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
