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शिमला, 21 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के संकेत दे दिए हैं। मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 28 फरवरी से पहले रोस्टर हर हाल में फाइनल किया जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में बजट सत्र के बाद पंचायत चुनाव की तिथियों का ऐलान किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि पंचायत चुनाव 30 अप्रैल से पहले कराए जाएं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल माह में मतदान कराया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के चलते स्कूलों का इस्तेमाल मतदान केंद्रों के रूप में परीक्षाओं के बाद ही किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान सुक्खू सरकार के अधिकारियों ने यह भी अवगत कराया कि नई पंचायतों का गठन प्रस्तावित है, जिसके लिए अतिरिक्त समय की जरूरत होगी। हालांकि, पुर्नसीमांकन को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद सरकार करीब 50 नई पंचायतों के गठन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगने की तैयारी में है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में होने वाले पंचायती राज चुनावों में 56 लाख मतदाता मतदान करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड परीक्षाओं के बाद स्कूलों में पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अब तक 3 करोड़ बैलेट पेपर छापे जा चुके हैं। प्रदेशभर में 22 हजार पोलिंग बूथों पर करीब 35 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। राज्य की 3577 पंचायतों और 71 शहरी निकायों में मतदान होना है।
हाईकोर्ट के आदेशों को लेकर हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती न देने का निर्णय लिया था। इससे पहले सरकार ने आपदा के कारण चुनावों में देरी का हवाला दिया था। ऐसे में अब प्रदेश की निगाहें पंचायत चुनाव की तारीखों पर टिकी हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पंचायतों का मौजूदा कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार द्वारा प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी।
