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शिमला/धर्मशाला, 3 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में छात्रा पल्लवी की दुखद मृत्यु से जुड़े रैगिंग मामले में सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसर (भूगोल) अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 115(2) व 3(5) तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में सहायक प्रोफेसर अशोक कुमार के साथ कॉलेज की तीन छात्राओं को भी आरोपी बनाया गया है।
आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में आई रिपोर्ट्स के आधार पर सहायक प्रोफेसर की प्रथम दृष्टया संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। तथ्यों की जांच के लिए उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इसी के चलते केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत उन्हें निलंबन में रखा गया है।
निलंबन अवधि के दौरान अशोक कुमार का मुख्यालय उच्च शिक्षा निदेशालय, शिमला रहेगा और वे बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबन प्रभावी रहेगा।
यह आदेश शिक्षा सचिव राकेश कंवर (आईएएस) द्वारा जारी किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
