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शिमला, 09 जनवरी। प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वरोज़गार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज परिवहन, श्रम एवं रोज़गार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में पेट्रोल ईंधन आधारित टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से ई-वाहनों से बदला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम चरण में राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत 1000 पेट्रोल ईंधन चालित टैक्सियों को ई-टैक्सियों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए टैक्सी मालिकों को प्रदेश सरकार की ओर से 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को इस योजना की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बदली जाने वाली पुरानी पेट्रोल टैक्सियों की स्क्रैपिंग पंजीकृत केंद्रों में की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निजी बस संचालन के लिए 390 रूटों के परमिट आवंटित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 30 प्रतिशत सब्सिडी भी दी जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने के साथ-साथ रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के प्रथम चरण में ई-टैक्सी खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है। यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ उनके वाहनों को सरकारी विभागों से जोड़ने की गारंटी भी दी जाती है।
बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, सचिव प्रियंका बासु इंगटी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, श्रम आयुक्त डॉ. वीरेन्द्र शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
