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शिमला, 01 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एक नवंबर से पुलिस मुख्यालय शिमला में पूरी तरह ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी गई है। अब सभी आधिकारिक कार्य केवल डिजिटल माध्यम से ही संपन्न होंगे। इससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने आदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी प्रकार की भौतिक फाइल मूवमेंट नहीं होगी। सभी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से काम करना होगा। यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी। विभाग का मानना है कि इससे सुशासन को बल मिलेगा। पारदर्शिता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया में सुधार होगा। कामकाज की गति बढ़ेगी। ई-ऑफिस प्रणाली के तहत वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट डिजिटल होगी। विभागीय पदोन्नति की फाइलें अब ऑनलाइन भेजी जाएंगी। डीपीसी की प्रक्रिया भी डिजिटल रूप में संपन्न होगी। इससे समय की बचत होगी।
डीजीपी तिवारी ने सख्त निर्देश दिए हैं। ई-ऑफिस लागू करने में देरी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी को नई प्रणाली अपनानी होगी। तकनीकी समस्याओं के लिए सहायता उपलब्ध रहेगी। जिलों के उपायुक्त कार्यालयों में आईटी अधिकारी तैनात हैं। वे सहायता प्रदान करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
ई-ऑफिस के कार्यान्वयन की मासिक निगरानी होगी। एडीजीपी, आईजीपी और क्षेत्रीय डीआईजी को जिम्मेदारी दी गई है। वे हर महीने प्रगति की समीक्षा करेंगे। सुनिश्चित करेंगे कि प्रणाली सही से काम कर रही है। इस नई व्यवस्था से कागज के उपयोग में कमी आएगी। समय और धन दोनों की बचत होगी। फाइलों को ले जाने की दौड़धूप खत्म होगी। कार्यालयीन कामकाज अधिक व्यवस्थित होगा।
राज्य सचिवालय में भी ई-ऑफिस प्रणाली लागू है। हालांकि वहां अभी कुछ फाइलें भौतिक रूप में आती हैं। पुलिस विभाग का लक्ष्य सौ प्रतिशत डिजिटल कार्यान्वयन है। वे इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण है। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में आधुनिक बदलाव आएगा। नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। प्रशासनिक कार्यों में दक्षता आएगी।
