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मंडी, 26 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की गाड़ी पर जूता फेंकने, काले झंडे दिखाने और रास्ता रोकने की घटनाओं को लेकर पुलिस ने 57 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह घटना सराज विधानसभा क्षेत्र के जंजैहली थाना क्षेत्र में सामने आई, जहाँ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मुरारी लाल नामक व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125, 351 और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर राजस्व मंत्री को धमकाने, शांति भंग करने और अपमानित करने के आरोप लगाए गए हैं। अन्य लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने और प्रदर्शन करने को लेकर प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने इसे आपदा प्रभावितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि सराज क्षेत्र के लोग पहले ही आपदा से जूझ रहे हैं और ऐसे समय में जब मंत्री हॉर्टिकल्चर कॉलेज को शिफ्ट करने का फैसला लेकर आए, तब जनता ने इसका विरोध किया। लेकिन सरकार ने विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है।
बिंदल ने कहा, “57 लोगों पर केस दर्ज कर कांग्रेस सरकार ने साफ कर दिया है कि वह जनता की आवाज दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। जनता की सेवा करने के बजाय सरकार टैक्सों का बोझ डाल रही है और अब असहमति जताने पर सजा दे रही है।” उन्होंने कहा कि यह केवल मंडी में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जनता के साथ हो रहा है।
वहीं, इस मसले पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती भी शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। बीजेपी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी आंदोलन के रूप में उठाया जा सकता है।
सरकार की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले पर गंभीर टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।