उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आपदा के समय अपनी भूमिका को अच्छे से समझने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सभी हितधारकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पूर्व निर्धारित होती है तथा बढ़ी आपदा के समय इन भूमिकाओं में बदलाव भी किया जा सकता है। बैठक में घटना प्रतिक्रिया प्रणाली तथा उसके विभिन्न कार्यों के निष्पादन के लिए उत्तरदायी सभी विभागों को आपदा के लिए सदैव तैयार रहने पर चर्चा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 7वीं बटालियन के क्षेत्रीय आपदा प्रतिक्रिया केन्द्र नालागढ़ के अधिकारियों ने आपदा के समय जिला आपदा प्रबंधन योजना के अनुसार निर्धारित कार्यों के बारे में अवगत करवाया।
बैठक में आपदा के समय जिला आपातकालिन संचालन केन्द्र द्वारा कार्य योजना तैयार करने, स्टेजिंग क्षेत्र में सभी के इक्ट्ठा होने, मेडिकल पोस्ट व रिफिल कैंप इत्यादि के बारे में चर्चा की गई।
इस अवसर पर पीओडीआरडीए राजेन्द्र गौतम, जिला राजस्व अधिकारी देवी राम, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर गुलमेल सिंह, सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार, हिमाचल होम गार्ड कमांडेंट सुरेन्द्र, आरटीओ बिलासपुर अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

