मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार के लगभग दो लाख कर्मचारियों को पहली जनवरी, 2016 से संशोधित वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों को जनवरी, 2022 का वेतन फरवरी, 2022 में संशोधित वेतनमान के अनुसार मिलेगा। इससे राज्य में प्रतिवर्ष 4000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय होगा। पहली जनवरी, 2016 से 31 दिसंबर, 2021 तक के एरियर के बारे में अलग से निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश सरकार कर्मचारियों को एरियर के रूप में पूर्व में ही लगभग 5000 करोड़ रुपए की अंतरिम राहत प्रदान कर चुकी है। संशोधित वेतनमान के उपरान्त 1.05 लाख एनपीएस कर्मचारियों के उच्च वेतन निर्धारण के चलते प्रदेश सरकार द्वारा न्यू पेंशन स्कीम के अंतर्गत छह वर्ष के अंशदान के रूप में 260 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। बैठक में अनुबंध कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि का भी निर्णय लिया गया।
कैबिनेट में नए पे-रिवीजन रूल्स को मंजूरी दे दी है। दो-तीन दिन के बाद इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी और इसके बाद पेंशनरों के लिए अलग से रूल कैबिनेट में आएंगे। इससे पता लगेगा कि पेंशनरों के लिए नए वेतन आयोग में कितनी वृद्धि होगी? नए वेतन आयोग में क्या पे-मैट्रिक्स होंगे, यह भी पे रिवीजन रूल्स के सामने आने के बाद ही पता लगेगा। हिमाचल में नया वेतन आयोग क्योंकि 1-1-2016 से मिलना है, लेकिन फिर भी कर्मचारियों को सरकार डीए कितना देगी? यह आज तय नहीं हो पाया है। इसके बारे में वित्त विभाग से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री अलग से ऐलान करेंगे। राज्य के सरकारी कर्मचारी 31 फीसदी डीए मांग रहे हैं, क्योंकि इतना ही ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारियों को दिया जा चुका है। वेतन आयोग के एरियर को लेकर भी बाद में फैसला लिया जाएगा। वित्त विभाग ने कैबिनेट के सामने राज्य की वित्तीय स्थिति और वेतन आयोग की देनदारी को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन दी। उसके बाद ही ये फैसले लिए गए। (एचडीएम)
कर्मियों को औसतन 16650 रुपए वेतन वृद्धि
नए वेतन आयोग से कर्मचारियों को औसतन 16650 रुपए वेतन वृद्धि मिलेगी। यह राशि सरकार के अपने आंकड़े से निकली है। सालाना 4000 करोड़ की देनदारी यदि दो लाख कर्मचारियों में बांटनी हो, तो हर महीने 16650 रुपए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि हिमाचल में यह वेतन वृद्धि निर्धारित करने के लिए यह पता करना जरूरी है कि डीए कितना फ़ीसदी मिल रहा है। नए रूल के ड्राफ्ट में पहले 17 फीसदी और बाद में 28 फीसदी डीए का जिक्र था, जबकि कर्मचारी 31 फीसदी चाहते हैं। सरकार अब इस पर क्या फैसला लेती है, यह देखना होगा।
एनपीएस अधिसूचना, अनुबंध का जिक्र नहीं
कैबिनेट में एनपीएस कर्मचारियों के लिए 2009 की अधिसूचना को हिमाचल में लागू करने को लेकर फैसला नहीं हो पाया। इस बारे में भी जेसीसी की बैठक में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया था। इसके साथ ही कांट्रैक्ट कर्मचारियों की अनुबंध अवधि को तीन से दो साल करने और 30 सितंबर, 2021 की बैक डेट से इसे लागू करने का फैसला भी कैबिनेट में नहीं आया। इसका भी हजारों अनुबंध कर्मचारियों को इंतजार था। माना जा रहा है कि जेपीसी के मिनटस फाइनल होने के बाद ये मामले कैबिनेट में आएंगे। तब तक अनुबंध कर्मचारियों को इंतजार ही करना होगा।
क्लास फोर की करुणामूलक नियुक्तियां खुद करेंगे विभाग
राज्य मंत्रिमंडल ने इस बारे में गठित कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए क्लास फोर की करुणामूलक नियुक्तियों का अधिकार अब सीधे विभागों को दे दिया है। इस बारे में विभागाध्यक्ष को मामला वित्त विभाग में भेजने की जरूरत नहीं है। जिन आवेदकों ने क्लास-3 के लिए विकल्प दिया है। उनके लिए वित्त विभाग में जाना पड़ेगा। करुणामूलक भर्ती के आवेदकों को यह राहत कैबिनेट की बैठक में दी गई है। इसके साथ ही फैसलों की जानकारी देते वक्त शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने करुणामूलक आवेदकों से आग्रह किया है कि वह अपना धरना प्रदर्शन खत्म करें। सरकार उन्हें राहत देगी।