Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

Himachal News: टोल प्लाजा के खिलाफ 16 पंचायतों के ग्रामीणों का आक्रोश, साढ़े चार घंटे तक किया धरना प्रदर्शन

Anil Kashyap
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
कांगड़ा, 07 नवंबर। शिमला-मटौर फोरलेन पर रानीताल के समीप घट्टा में स्थापित टोल प्लाजा के अस्तित्व और उसकी लोकेशन को लेकर शुक्रवार को चंगर क्षेत्र की 16 पंचायतों के ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। टोल प्लाजा को गलत स्थान पर स्थापित करने का आरोप लगाते हुए जिला परिषद सदस्य एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह बराड़ और रानीताल पंचायत के प्रधान अभिनव शर्मा की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों ने टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चले इस साढ़े चार घंटे के हाई-वोल्टेज प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने न केवल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि टोल प्लाजा के बैरियर हटवाकर करीब सवा दो घंटे तक टोल वसूली को पूरी तरह से ठप्प कर दिया।

राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर लगीं वाहनों की लंबी कतारें 
प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण ढंग से हुई थी, जहां संघर्ष समिति ने एनएचएआई के अधिकारियों को मौके पर आकर वार्ता करने के लिए आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। प्रदर्शनकारियों ने टोल कर्मियों से 15 मिनट के लिए वसूली रोकने को कहा, परंतु ऑनलाइन फास्टैग स्कैनर के जरिए वाहनों से पैसे कटने का सिलसिला जारी रहा। इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण करते हुए सुबह 11:45 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक टोल प्लाजा की सभी लेनों पर कब्जा जमा लिया और बैरियर हटाकर प्लाजा को बंद करवा दिया। इस दौरान केवल आपातकालीन वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई। टोल बंद होने के चलते शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बसों में सवार यात्रियों सहित सैकड़ों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

1500 रुपए का वार्षिक पास भी नामंजूर, नियमों पर उठाए सवाल

इस जनांदोलन में दौलतपुर, कुल्थी, तकीपुर, रानीताल, भंगवार, बलसूं-दरकाटा, रजियाणा, जलाड़ी, बलोल, जन्यानकड़, धमेट, डाक पलेरा, गाहलियां, ठाकुरद्वारा, समेला और बोहड़ क्वालू सहित कुल 16 पंचायतों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने 'चंगर एकता' का परिचय दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन द्वारा 1 नवम्बर से 20 किलोमीटर के दायरे के स्थानीय लोगों के लिए लागू किए गए 1,500 रुपए के वार्षिक पास के प्रस्ताव को भी सिरे से खारिज कर दिया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद बराड़, प्रधान अभिनव शर्मा और अधिवक्ता सौरभ कौंडल ने दो टूक कहा कि लड़ाई पास की राशि की नहीं, बल्कि टोल की गलत लोकेशन की है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो टोल प्लाजा के बीच 60 किलोमीटर की दूरी के नियम का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि घट्टा टोल से महज 18 से 20 किलोमीटर आगे सड़क फोरलेन से सिमटकर दो लेन में बदल जाती है, ऐसे में यहां टोल वसूलने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि इस टोल के कारण चंडीगढ़, देहरा और बाबा बड़ोह की ओर रोजमर्रा के कार्यों के लिए जाने वाले हजारों स्थानीय लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

माहौल को तनावपूर्ण होता देख एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजलि गर्ग, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, एचआरटीसी के वाइस चेयरमैन अजय वर्मा और समाजसेवी मनीष शर्मा मौके पर पहुंचे। विधायक और एसडीएम के कड़े हस्तक्षेप के बाद एनएचएआई के अधिकारी वार्ता के लिए मौके पर आए। एसडीएम के निर्देश पर एनएचएआई मैनेजर ने करीब 15 मिनट के लिए फास्टैग स्कैनर बंद करवाए, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। मौके पर तय हुआ कि आगामी 14 नवम्बर को एसडीएम कार्यालय कांगड़ा में सांसद राजीव भारद्वाज, विधायक पवन काजल, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और संघर्ष समिति के बीच एक निर्णायक बैठक होगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे 14 नवम्बर तक इंतजार करेंगे, यदि टोल हटाने का ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 नवम्बर से 10,000 से अधिक लोगों के साथ अनिश्चितकालीन महाआंदोलन शुरू कर टोल प्लाजा को स्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा।

विधायक ने किया ग्रामीणों की मांग का पुरजोर समर्थन 
मौके पर पहुंचे कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने ग्रामीणों की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और टोल प्लाजा यहां से हटना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह सांसद राजीव भारद्वाज के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इस टोल को स्थानांतरित करवाने की पैरवी करेंगे। वहीं, एचआरटीसी के वाइस चेयरमैन अजय वर्मा ने इसे कांगड़ा और चंगर क्षेत्र की सांझा लड़ाई बताते हुए कहा कि यदि टोल लगाना ही है, तो इसे मौजूदा स्थान से 2-3 किलोमीटर आगे शिफ्ट किया जाए।

क्या कहते हैं एनएचएआई हमीरपुर के प्रोजैक्ट डायरैक्टर
उधर, इस पूरे विवाद पर एनएचएआई हमीरपुर के प्रोजैक्ट डायरैक्टर राकेश यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि घट्टा टोल प्लाजा को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्धारित मानकों के तहत ही स्थापित किया गया है और इसकी विधिवत अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र (गजट ऑफ इंडिया) में भी प्रकाशित हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए 1,500 रुपए के मामूली शुल्क पर वार्षिक पास की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!