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शिमला, 07 नवंबर। साइबर ठगों ने अब लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए ट्रैफिक चालान का नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। वाहन चालकों को मोबाइल फोन पर फर्जी ई-चालान के संदेश भेजकर जुर्माना भरने के नाम पर संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संदेश में वाहन का नंबर, चालान की राशि और रैफ्रैंस नंबर तक दर्शाया जाता है, ताकि लोगों को यह सरकारी चालान का वास्तविक संदेश लगे। ऐसे लिंक के माध्यम से लोगों की बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देने की आशंका है। इस संबंध में कांगड़ा पुलिस ने लोगों को सतर्क करते हुए विशेष चेतावनी जारी की है।
पुलिस की ओर से सांझा की गई एडवाइजरी में बताया गया है कि यदि किसी व्यक्ति के मोबाइल फोन पर फर्जी चालान का लिंक भेजकर जुर्माना भरने के लिए कहा जाता है तो उस पर बिल्कुल क्लिक न करें। साइबर ठग अलग-अलग मोबाइल नंबरों से एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
पालमपुर में सामने आए एक ऐसे ही संदेश के स्क्रीन शॉट में वाहन नंबर का उल्लेख करते हुए 500 रुपए का ट्रैफिक जुर्माना दर्शाया गया है, साथ ही एक रैफ्रैंस नंबर और भुगतान संबंधी जानकारी देखने के लिए लिंक भी भेजा गया है। पहली नजर में यह संदेश सरकारी चालान जैसा दिखाई देता है, लेकिन इसमें दिया गया वैब लिंक संदिग्ध है। ऐसे संदेशों की प्रमाणिकता की पुष्टि किए बिना किसी भी प्रकार की ऑनलाइन कार्रवाई करना जोखिम भरा हो सकता है।
कांगड़ा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चालान की जानकारी प्राप्त करने और उसका भुगतान करने के लिए परिवहन विभाग के आधिकारिक ई-चालान पोर्टल का ही इस्तेमाल किया जाए। अनजान मोबाइल नंबरों से आए एसएमएस या व्हाट्सएप संदेशों में दिए गए लिंक को न खोलें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी संदेश में तत्काल जुर्माना भरने का दबाव बनाया जा रहा है तो घबराने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी और बैंकिंग विवरण साइबर अपराधियों तक पहुंचने का खतरा हो सकता है।
कांगड़ा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने अथवा संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हैल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि डिजिटल सुविधा का लाभ उठाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुक्सान का कारण बन सकती है। इसलिए ई-चालान के नाम पर आने वाले हर अनजान लिंक से सावधान रहें और बिना पुष्टि के किसी भी लिंक को न खोलें।
