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Bilaspur News: खाद्य सुरक्षा विभाग का मिलावटखोरों पर शिकंजा, 40 किलो मिठाई नष्ट, 5 सैंपल जांच के लिए भेजे

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बिलासपुर, 07 नवंबर। त्यौहारी सीजन की दस्तक के साथ ही बाजारों में मिठाइयों की मांग में आने वाले उछाल को देखते हुए, मुनाफाखोरी की आड़ में जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपना शिकंजा कस दिया है। त्यौहारों की आड़ में अमानक और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्णतः अंकुश लगाने के उद्देश्य से विभाग ने जिले भर में अपने विशेष जांच अभियान को आक्रामक रूप दे दिया है। इसी कड़ी में विभागीय टीम ने घुमाणी चौक के बाजार में औचक दबिश देकर न केवल दुकानदारों में हड़कंप मचा दिया, बल्कि भारी मात्रा में संदिग्ध मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करवाकर मिलावटखोरों को कड़ा संदेश भी दिया है।

इस विशेष अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घुमाणी चौक स्थित विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकानों में रखी करीब 40 किलोग्राम मिठाई प्रथम दृष्टया अमानक और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए लड्डू, नारियल बर्फी और चमचम की बड़ी खेप को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, ताकि यह दूषित मिठाई किसी भी सूरत में आम उपभोक्ताओं की थाली तक न पहुंच सके।

विभाग की यह कार्रवाई केवल दूषित मिठाइयों को नष्ट करने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि मिठाइयों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक परख के लिए सैंपलिंग की प्रक्रिया भी अमल में लाई गई। टीम ने विभिन्न दुकानों से पेड़ा, मिल्क केक, गुजिया, बेसन बर्फी और रसगुल्ले सहित कुल पांच मिठाइयों के नमूने एकत्रित किए हैं। इन सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत, यदि इनमें किसी भी प्रकार की मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

गौरतलब है कि त्यौहारी सीजन में मिठाइयों की खपत में बेतहाशा वृद्धि होने के चलते बाजार में सिंथेटिक दूध और नकली मावे (खोया) के इस्तेमाल की आशंकाएं भी प्रबल हो जाती हैं। विशेष रूप से दूध और मावे से निर्मित होने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता से किया गया थोड़ा सा भी समझौता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बेहद गंभीर और घातक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे संवेदनशील समय में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की जा रही यह ताबड़तोड़ सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई आम जनता की सेहत के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में देखी जा रही है।

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