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ऊना, 14 अक्टूबर। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जच्चा-बच्चा की दुखद मौत के बाद हुए बवाल मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के साथ दुर्व्यवहार करने, सरकारी काम में बाधा डालने और अस्पताल की संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक गर्भवती महिला रीना देवी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतका के परिजनों, स्थानीय ग्रामीणों और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारी रोष प्रदर्शन किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोष प्रदर्शन के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोग उग्र हो गए और सीधे सीएमओ कार्यालय में जा घुसे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में चाय पी रहे सीएमओ पर कड़ी आपत्ति जताई और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कुछ लोग सीएमओ को साथ लेकर जबरन नीचे आ गए, जहां काफी गहमागहमी हुई। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने अस्पताल की सरकारी संपत्ति के साथ तोड़फोड़ भी की।
अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को इस घटना की आधिकारिक शिकायत दी गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने सरकारी अधिकारी से दुर्व्यवहार करने, ड्यूटी में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने विशेष रूप से यह स्पष्ट किया है कि यह एफआईआर मृतका के शोकाकुल परिवार या शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ दर्ज नहीं की गई है। कार्रवाई सिर्फ उन शरारती तत्वों पर हुई है, जिन्होंने भीड़ की आड़ में कानून हाथ में लिया।
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच : एएसपी
मामले की पुष्टि करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना अजय राणा ने बताया कि सीएमओ से दुर्व्यवहार और सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसी आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
