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चंबा, 15 अगस्त। शराब के नशे में धुत्त होकर अपने 6 साल के मासूम बच्चे को रावी नदी में फेंकने के आरोपी पिता को शुक्रवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अब उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस इस अवधि में मामले से जुड़े अन्य सभी साक्ष्य जुटाएगी।
उधर, पुलिस ने इस मामले में बच्चे की मां को भी जांच में शामिल होने के लिए चम्बा बुलाया है, लेकिन अभी तक वह चम्बा नहीं पहुंची है। वह अपने मायके अमृतसर में है। पुलिस का कहना है कि महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, लेकिन शुक्रवार को भी वह पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुई। पुलिस को बच्चे की मां के आने का इंतजार है, उससे (बच्चे की मां) पूछताछ के बाद इस मामले में कुछ और खुलासे हो सकते हैं। वहीं लापता बच्चे का 4 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया है। शुक्रवार को भी पुलिस व एन. डी. आर.एफ. की टीमों ने रावी का चप्पा-चप्पा छान मारा, लेकिन बच्चे का कुछ भी पता नहीं चला।
बच्चे के दादा जयपाल अपने पोते की तलाश में यहां-वहां भटक रहे हैं। इसके अलावा अन्य परिजन भी अपने स्तर पर उसे ढूंढने में जुटे हुए हैं। जयपाल ने बताया कि वह लगातार बच्चे की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उसे ढूंढने में अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई। उन्होंने वताया कि घटना के वाद बहू के साथ भी अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
बता दें कि आरोपी हितेश की पत्नी से अनबन चल रही थी और वह मायके गई हुई थी। बीते सोमवार को उसने पत्नी को फोन किया और फोन पर कुछ कहासुनी हो गई। इसके बाद बच्चे को परेल पुल से नीचे उफनती रावी नदी में फेंक दिया। देखते ही देखते लड़का रावी नदी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गया। मंगलवार सुबह हितेष ने स्वयं पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। रिमांड अवधि में उसने घटना की पूरी सच्चाई पुलिस को बताई। उसने अपना गुनाह पहले ही कबूल कर लिया है। साथ ही खुद भी रावी में छलांग लगाने की कोशिश की बात कही है, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया। इस खौफनाक घटना के बाद हर कोई स्तब्ध है।
