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शिमला, 13 अगस्त। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पैट्रोल-डीजल पर सैस लगाने तथा सड़कों की टारिंग को लेकर भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को सवाल उठाने से पहले पैट्रोल और डीजल की कीमतों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पैट्रोल और डीजल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर हैं और इसका सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है। बिटुमेन की कीमतों में बढ़ौतरी के कारण प्रदेश में सड़कों की टारिंग प्रभावित हो रही है। बुधवार को शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की टारिंग के लिए जिन दरों पर टैंडर जारी किए थे, उन दरों पर ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हैं।
इसका एक बड़ा कारण बिटुमेन की बढ़ी हुई कीमतें हैं। उन्होंने कहा कि रूस से मिलने वाले सस्ते तेल की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही है। इसका असर बिटुमेन की उपलब्धता और कीमत पर पड़ा है। ऐसे में इसे केवल हिमाचल की समस्या बताना सही नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का विषय है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जगह-जगह यह आरोप लगाते हैं कि प्रदेश की सड़कों पर टारिंग नहीं हो रही है, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मौजूदा परिस्थितियों में बिटुमेन की कीमतें क्यों बढ़ी हैं और ठेकेदार टैंडर में निर्धारित दरों पर काम करने से क्यों पीछे हट रहे हैं।
बारिश से प्रदेश में बंद सड़कों को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सचिव और विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को बंद सड़कों को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री ने आरोप लगाया कि ई-20 के कारण वाहनों की माइलेज पर असर पड़ रहा है और वाहन मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कई नई सड़कों को स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने शिमला जोन के चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए हैं कि बागवानी के लिए महत्वपूर्ण छेला-नेरीपुल-यशवंत नगर सड़क की टैंडर प्रक्रिया आगामी 15 से 20 दिनों में पूरी की जाए।
