Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

Himachal: बैन हटने के बाद एक सप्ताह में 110 मीट्रिक टन मछली की पकड़, 46.67 प्रतिशत की बढ़ौतरी

News Updates Network
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
बिलासपुर, 25 अगस्त। दो माह के मौसमी मत्स्य आखेट प्रतिबंध के बाद हिमाचल प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में मछलियों की उपलब्धता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 अगस्त को प्रतिबंध हटने के बाद महज एक सप्ताह में पांच प्रमुख जलाशयों से 110 मीट्रिक टन से अधिक मछली की पकड़ दर्ज हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा लगभग 75 मीट्रिक टन था। इस वर्ष शुरुआती सप्ताह में मत्स्य पकड़ में 35 मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46.67 प्रतिशत से अधिक है। यह जानकारी मत्स्य विभाग के निदेशक ओम कांत ठाकुर ने दी।

उन्होंने बताया कि प्रतिबंध हटने के पहले ही दिन लगभग 46 मीट्रिक टन मछली की पकड़ दर्ज की गई। इसके बाद भी पूरे शुरुआती सप्ताह में मत्स्य पकड़ का स्तर उत्साहजनक बना रहा, जो प्रदेश के जलाशयों में मछली की अच्छी उपलब्धता को दर्शाता है।

23 अगस्त तक के जलाशय-वार आंकड़ों के अनुसार पोंग डैम में लगभग 51 मीट्रिक टन मछली की पकड़ दर्ज की गई, जबकि गोविंद सागर झील में 50 मीट्रिक टन से अधिक मछली पकड़ी गई। रंजीत सागर में लगभग 7.5 मीट्रिक टन तथा चमेरा एवं कोल डैम में संयुक्त रूप से लगभग एक मीट्रिक टन मत्स्य पकड़ दर्ज हुई।

प्रजाति-वार आंकड़ों में सिंघाड़ा लगभग 35 मीट्रिक टन और सिल्वर कार्प लगभग 34 मीट्रिक टन के साथ सबसे अधिक पकड़ी गई प्रजातियां रहीं। इसके अलावा रोहू 12 मीट्रिक टन, कॉमन कार्प लगभग 10 मीट्रिक टन, मिरर कार्प एवं महाशीर संयुक्त रूप से लगभग 5 मीट्रिक टन, कतला 4 मीट्रिक टन से अधिक, अन्य प्रजातियां लगभग 3 मीट्रिक टन, मृगल 2 मीट्रिक टन से अधिक तथा कलबासु लगभग 1.5 मीट्रिक टन दर्ज किया गया।

निदेशक मत्स्य ओम कांत ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के जलाशयों में मत्स्य संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष लगभग एक करोड़ मत्स्य बीज डाले गए हैं। इसके साथ ही मत्स्य संसाधनों की अतिरिक्त एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की गई है, जिससे मछलियों की उपलब्धता तथा मत्स्य आखेट गतिविधियों पर बेहतर निगरानी सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष जलाशयों में जलस्तर में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। अनुकूल जलस्तर के कारण मछलियों के लिए बेहतर परिस्थितियां बनीं, जिससे जलाशयों में मत्स्य संसाधनों की डेंसिटी और उपलब्धता बढ़ने में मदद मिली। इसके साथ ही विभाग ने रिपोर्टिंग सिस्टम को भी अपडेट एवं अधिक प्रभावी बनाया है। लैंडिंग सेंटरों से प्राप्त आंकड़ों को ऑनलाइन एक्सेल आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन जलाशय-वार एवं प्रजाति-वार मत्स्य पकड़ का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बेहतर जलस्तर, लगभग एक करोड़ मत्स्य बीज का संचयन, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा अपडेटेड रिपोर्टिंग सिस्टम इस वर्ष प्रतिबंध समाप्त होने के बाद शुरुआती सप्ताह में बड़ी मात्रा में मत्स्य पकड़ दर्ज होने के प्रमुख सकारात्मक कारकों में शामिल हैं। विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी जलाशयों में मत्स्य संसाधनों, मत्स्य पकड़ तथा उपलब्ध आंकड़ों की लगातार निगरानी की जाएगी।
विभाग के अनुसार, प्रतिबंध हटने के बाद पहले सप्ताह में 110 मीट्रिक टन से अधिक मत्स्य पकड़ का दर्ज होना प्रदेश के जलाशयों में मत्स्य संसाधनों की अच्छी उपलब्धता का सकारात्मक संकेत है।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!