न्यूज अपडेट्स
धर्मशाला, 18 अगस्त। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का सामना कर रहे पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा मंगलवार को विजिलेंस थाना धर्मशाला पहुंचे। जांच में शामिल होने से पहले उन्होंने हनुमान मंदिर में माथा टेका और संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे विजिलेंस अधिकारियों के सामने पेश हुए। इस दौरान उनके साथ हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा भी विजिलेंस थाने पहुंचे।
सुधीर शर्मा की पेशी को देखते हुए धर्मशाला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विजिलेंस थाना और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तथा क्यूआरटी की तैनाती की गई है। वहीं, बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौके पर जुटे और कई समर्थक बाजू पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताते नजर आए।
विजिलेंस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष बताया
विजिलेंस पूछताछ में शामिल होने से पहले सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनके पास पूछे गए सवालों के जवाब के साथ जरूरी दस्तावेज भी मौजूद हैं।
सुधीर शर्मा ने कहा कि जिस मामले में उनसे पूछताछ हो रही है, वह उस समय का है जब प्रदेश में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे और वह उनकी कैबिनेट में मंत्री थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मौजूदा सरकार यह साबित करना चाहती है कि वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में सरकार गलत या भ्रष्ट थी।
'कुछ नहीं मिला तो अब घर के दस्तावेज खंगाल रहे'
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले उनके खिलाफ कई तरह के सवाल खड़े किए, लेकिन जब कुछ नहीं मिला तो अब उनके घर की पैमाइश और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास संपत्ति और अन्य मामलों से जुड़े सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसी के समक्ष पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का डर नहीं है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों को जनता तथा मीडिया के सामने भी रखा जाएगा।
धर्मशाला में भारी पुलिस बल की तैनाती पर सवाल
विजिलेंस थाने के बाहर भारी पुलिस बल और क्यूआरटी की तैनाती पर भी सुधीर शर्मा ने सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से सरकार की बौखलाहट दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चुने हुए जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना आम हो गया है।
समर्थकों के काली पट्टी बांधने को उन्होंने विरोध का प्रतीक बताया। उनके अनुसार समर्थक किसी दबाव में नहीं, बल्कि समर्थन जताने के लिए यहां पहुंचे हैं।
विजिलेंस ने वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच की बात कही
विजिलेंस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े पहलू सामने आए हैं, जिनका सत्यापन जरूरी है। इनमें घोषित आय के स्रोत, जमीन की बिक्री से जुड़े लेन-देन, निवेश और बैंकिंग ट्रांजेक्शन, वाहनों की खरीद तथा आवासीय संपत्ति के निर्माण पर हुए खर्च की जांच शामिल है।
