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कांगड़ा, 14 जून। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि पुलिस ने नोएडा में काम करने वाले उसके पति को बिना किसी वारंट और नोटिस के जबरन हिरासत में लेने पहुंची है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गुम्मर गांव की रहने वाली मनु कुमारी ने ज्वालामुखी थाने में एक आधिकारिक शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे एक सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल उनके पति के पास पहुंचे है। वे बिना कोई कारण बताए उनके पति मुकेश कुमार को अपने साथ ले जाना चाहते है।
स्थानीय विधायक और राजनेताओं पर साजिश रचने का संगीन आरोप
मनु कुमारी ने अपनी शिकायत में स्थानीय राजनीतिज्ञों पर गंभीर आरोप जड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को राजनीतिक दबाव के कारण झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न और अन्य स्थानीय नेताओं पर जानबूझकर उनके परिवार के खिलाफ दुश्मनी बढ़ाने और फर्जी एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि वह खुद चितकारा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती है, जबकि उसके पति दिल्ली-नोएडा क्षेत्र में नौकरी करते हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि राजनीतिक द्वेष के कारण उनके परिवार को तंग करना बंद किया जाए। महिला ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है मुकेश कुमार के खिलाफ पुराना मुकदमा
दूसरी तरफ, पुलिस के रोजनामचा विवरण (General Diary Details) से इस पूरे मामले में एक बिल्कुल अलग कहानी सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी मुकेश कुमार के खिलाफ ज्वालामुखी थाने में बीते 24 मई 2026 को मुकदमा नंबर 51/2026 पहले से ही दर्ज है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि आरोपी मुकेश कुमार के खिलाफ अदालत (Judicial Magistrate-II कांगड़ा) से गैर-जमानती वारंट (NBW) भी हासिल किया गया है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच अधिकारी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब आदि क्षेत्रों में आरोपी की तलाश और मामले के अन्वेषण के लिए रवाना हुए हैं।
थाना पुलिस ने महिला की शिकायत को रोजनामचा में ‘असंज्ञेय अपराध रिपोर्ट’ (NCR) के रूप में दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस ने शिकायतकर्ता को हिदायत दी है कि यह मामला पुलिस के सीधे हस्तक्षेप से बाहर का है।
