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दिल्ली, 11 जून। अगर आप एक फूड बिजनेस चलाते हैं और समोसा, कचौड़ी या वड़ा-पाव जैसी खाने-पीने की चीजें ग्राहकों को अखबार में लपेटकर दे रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बड़ा और सख्त अल्टीमेटम जारी किया है। FSSAI ने साफ कर दिया है कि खाने-पीने की चीजों को पैक करने या परोसने के लिए अखबार का इस्तेमाल कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
FSSAI ने एक्स पर चेतावनी दी है कि छपाई की स्याही में सीसा और अन्य भारी धातुओं सहित कई हानिकारक रसायन होते हैं। पैकिंग के लिए न्यूज पेपर के इस्तेमाल से खाना खराब हो जाता है और लंबी अवधि के बाद स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है। वहीं 6 महीने तक की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
अखबार में खाना रखना इतना खतरनाक क्यों है?
अखबार को छापने के लिए जिस इंक का इस्तेमाल होता है, उसे बनाने में कई तरह के हानिकारक रसायन, सिंथेटिक रंग, पिगमेंट और बाइंडर्स का इस्तेमाल किया जाता है। सबसे खतरनाक बात ये है कि इसमें सीसा और अन्य भारी धातुएं मौजूद होती हैं। ऐसे में जब खाना गर्म होता है, तो अखबार की इंक पिघलने लगती है। यह स्याही बहुत आसानी से आपके खाने में चिपक जाती है। जब आप वो खाना खाते हैं, तो ये केमिकल और सीसा सीधे आपके पेट में पहुंच जाते हैं।
बता दें कि ये नियम आज नहीं बना है। FSSAI ने याद दिलाया कि खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) नियम, 2018 के तहत किसी भी छपे हुए कागज या अखबार का इस्तेमाल खाने की चीजों को रखने, लपेटने या परोसने के लिए पहले से ही पूरी तरह प्रतिबंधित है। खाद्य सुरक्षा कानून (Food Safety Law) के तहत दुकान का लाइसेंस रद्द और भारी जुर्माना हो सकता है।
