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कांगड़ा, 06 जून। कहते हैं इंसान की मौत के साथ उसकी जरूरतें खत्म हो जाती हैं, लेकिन जिला कांगड़ा के इंदौरा में एक पूर्व पोस्टमास्टर ने मरे हुए बुजुर्गों को भी अपनी कमाई का जरिया बना लिया। इंदौरा तहसील के मंड मझवान शाखा डाकघर में तैनात रहे एक पूर्व ब्रांच पोस्टमास्टर ने वह किया, जिसने सरकारी सिस्टम और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया है। आरोपी ने मृत सामाजिक सुरक्षा पैंशन भोगियों के अंगूठे का फर्जी निशान बनाकर उनके खातों से 9.02 लाख की राशि का कथित गबन कर दिया।
सीबीआई के अनुसार यह राशि आधिकारिक दायित्व के तहत उन्हें सौंपी गई थी, जिसका उन्होंने कथित तौर पर व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग किया। इस मामले का भंडाफोड़ होने के बाद सीबीआई एसीबी शिमला ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपी वर्ष 2012 से दिसम्बर 2025 तक इसी डाकघर में तैनात था। आरोप है कि वर्ष 2024-25 के दौरान जब कुछ गरीब बुजुर्गों की मौत हो गई तो आरोपी ने उनके पैंशन खातों को बंद करने की बजाय खुद पैसे निकालने की साजिश रची। कथित आरोप है कि उसने 19 मृत लाभार्थियों के फर्जी अंगूठे के निशान तैयार किए और विड्रॉल फॉर्म (एसबी-7) भरकर सरकारी खजाने को चूना लगाया।
अब सीबीआई के इंस्पैक्टर अंकुर शर्मा इस पूरे मामले की कड़ियां खंगाल रहे हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(5), 338 और 340 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ए) के तहत नियमित केस दर्ज किया है। ऐसे में मामले की जांच के तहत आने वाले दिनों में नए खुलासे हो सकते हैं।
