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शिमला, 06 जून। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में हजारों युवाओं और कर्मचारियों को राहत देने के साथ-साथ किसानों और आम लोगों के हित में कई नई योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति मामलों की एकमुश्त विशेष उपाय के तहत दोबारा समीक्षा करने का फैसला लिया है। साथ ही सरकारी भूमि पर आवासीय, कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए किए गए कुछ अतिक्रमणों को नियमित करने के लिए नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी गई है।
किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज का 50 प्रतिशत सरकार वहन करेगी, जिससे 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा।
रोजगार के क्षेत्र में मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के तहत 400 वर्क इंस्पेक्टर पदों के सृजन और भर्ती को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 300 चिकित्सा अधिकारी, 200 स्टाफ नर्स, 250 मल्टी टास्क वर्कर, 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 सहित कई पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद भी भरे जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में 17 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली है। अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को अब पूर्ण वेतन मिलेगा और पहले अध्ययन अवकाश ले चुके कर्मचारियों को भी बकाया वेतन का भुगतान किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने 31 मार्च 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने तथा जॉब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का भी निर्णय लिया।
पूर्व कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस लेने और अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क लौटाने को मंजूरी दी गई।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन करते हुए चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित करने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हिमकेयर योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर को बढ़ाकर 7 लाख और 10 लाख रुपये तक करने का फैसला लिया गया है। वहीं मंडी के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर तथा बद्दी नागरिक अस्पताल को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई है। सोलन के मानपुरा और हमीरपुर के मझेली में नए स्वास्थ्य केंद्र भी खोले जाएंगे।
जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज के तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रति परिवार 7 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये कर दी गई है। ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी देते हुए वन एवं पशुपालन विभाग द्वारा ऑनलाइन परमिट प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए वर्ष 2026 से 2028 तक दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विभिन्न मेलों को राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तरीय दर्जा देने और जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को राजकीय बालिका खेल विद्यालय में स्तरोन्नत करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री सहारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संशोधित एसओपी को भी मंजूरी दी गई तथा शिक्षा सचिव ने सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित प्रस्तुति मंत्रिमंडल के समक्ष रखी।
