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बिलासपुर, 19 जून। जनगणना के लिए तकनीकी सहायक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बिलासपुर में विवाद गहरा गया है। अभ्यर्थी बलबीर सिंह और मीना देवी ने जिलाधीश बिलासपुर को शिकायत पत्र सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाए हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, तकनीकी सहायकों के साक्षात्कार 9 अप्रैल 2026 को शिमला स्थित CODEROOTZ C/O Summer Hill Technology, खलीनी कार्यालय में आयोजित किए गए थे। अभ्यर्थियों का दावा है कि 18 अप्रैल 2026 को कंपनी की आधिकारिक ई-मेल आईडी से 10 तकनीकी सहायकों की पहली चयन सूची जारी की गई थी, जिसे संबंधित सरकारी विभागों और अधिकारियों को भी भेजा गया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पहली सूची में बलबीर सिंह का नाम प्रथम स्थान पर तथा मीना देवी का नाम सातवें स्थान पर था, लेकिन बाद में दोनों के नाम हटाकर 15 अभ्यर्थियों की नई सूची जारी कर दी गई।
बलबीर सिंह ने कहा कि वह एक साधारण और गरीब परिवार से संबंध रखते हैं तथा नौकरी पाने के लिए केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करते हैं। उनका आरोप है कि चयन सूची में बदलाव से न केवल उनका रोजगार प्रभावित हुआ, बल्कि उनके परिवार की उम्मीदों को भी गहरा आघात पहुंचा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नई सूची में ऐसे अभ्यर्थियों को तकनीकी सहायक नियुक्त किया गया, जो साक्षात्कार के दिन उपस्थित ही नहीं थे। शिकायतकर्ताओं ने इसे भर्ती प्रक्रिया की गंभीर अनियमितता बताते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं की प्रमुख मांगें
साक्षात्कार वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर यह सत्यापित किया जाए कि कौन-कौन अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए थे और किनका चयन हुआ।
भर्ती प्रक्रिया में कंपनी के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है, ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो इससे युवाओं का विश्वास कमजोर होगा और सरकार की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
