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बिलासपुर, 01 जून। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला बिलासपुर के घुमारवीं विकास खंड में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला स्तरीय टीम, खंड स्तरीय टीम, औषधि निरीक्षक तथा विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के संयुक्त दल ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर कोटपा अधिनियम, 2003 की धारा 4 तथा धारा 6(ए) एवं 6(बी) के अंतर्गत कुल 25 चालान किए तथा 5100 रूपए का जुर्माना वसूला गया।
अभियान का नेतृत्व जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक गुरूंग ने किया। खंड स्तरीय टीम का नेतृत्व डॉ. आशुतोष शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल घुमारवीं तथा औषधि निरीक्षक दिनेश गौतम ने किया। एसटीएफ टीम का नेतृत्व मुख्य आरक्षी मनोज कुमार ने किया। अभियान में आरक्षी अनमोल वर्मा, अमनप्रीत, बाबू राम, लखन पाल, सुशांत गौतम, राकेश कुमार तथा स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुरेंद्र कुमार और रूप लाल भी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे दुकानदारों को तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता। उन्हें यह भी बताया गया कि हिमाचल प्रदेश तंबाकू विक्रेता विनियमन अधिनियम, 2016 के तहत बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय अपराध है।
दल द्वारा दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि खुले रूप में सिगरेट अथवा अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं की जा सकती। अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 5000 रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त तंबाकू उत्पादों के विक्रय के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य है तथा बिना वैध लाइसेंस के बिक्री करते पाए जाने पर 50 हजार रूपए तक का चालान किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने तथा तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
