न्यूज अपडेट्स
शिमला, 28 मई। हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के बीच लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान राज्य सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक आयोजित किए जाने पर अब सियासी बवाल गहराता जा रहा है। इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को नोटिस जारी किया था, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद आयोग को कोई जवाब नहीं मिला है। अब आयोग ने मुख्य सचिव को रिमाइंडर भेजकर जवाब न देने का कारण पूछा है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने 22 मई को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की थी। उस समय प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू थी। भाजपा ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 मई को मुख्य सचिव संजय गुप्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। आयोग ने पूछा था कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद कैबिनेट बैठक किस आधार पर बुलाई गई और उसमें लिए गए निर्णयों का चुनाव प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, आयोग द्वारा तय समय सीमा के भीतर मुख्य सचिव की ओर से कोई जवाब नहीं भेजा गया। इसके बाद बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची की ओर से रिमाइंडर जारी किया गया। आयोग ने पूछा है कि अब तक नोटिस का जवाब क्यों नहीं दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग मुख्य सचिव का जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। वहीं इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा लगातार कांग्रेस सरकार पर चुनाव आचार संहिता की अनदेखी करने के आरोप लगा रही है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
