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बिलासपुर, 17 मार्च। जिला बिलासपुर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक 137 वर्ष पुराने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 का विधिवत शुभारम्भ आज नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने खूंटी गाड़कर किया। इस अवसर पर उन्होंने लक्ष्मी नारायण मंदिर से आरम्भ हुई भव्य शोभायात्रा की अगुवाई की, जो लुहणू मैदान पहुंची। यहां विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियों का भी उद्घाटन किया गया।
लुहणू मैदान में आयोजित समारोह में जनसमूह को कहलूरी बोली में संबोधित करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि नलवाड़ी मेला बिलासपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारम्परिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जिसकी पहचान प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में है। उन्होंने बताया कि मेले का इतिहास वर्ष 1889 से जुड़ा है, जब इसकी शुरुआत सांडू मैदान से हुई थी, जो अब लुहणू मैदान में आयोजित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह मेला वर्षों से स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। समय के साथ इसका स्वरूप बदला है और अब यह सांस्कृतिक, सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख मंच बन गया है। पारम्परिक हुनर को बढ़ावा देने के लिए घुमारवीं में कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को पुरातन कलाओं से जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने बताया कि गोविंद सागर झील में जलक्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और अक्टूबर 2025 में “जल तरंग जोश महोत्सव” का सफल आयोजन किया गया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने दूध और कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए हैं, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर देते हुए बताया कि प्रदेश के 151 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है, जिनमें बिलासपुर के 11 विद्यालय शामिल हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि 21 मार्च को प्रदेश सरकार का बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें जनहित से जुड़े प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने भाखड़ा बांध निर्माण में बिलासपुर और ऊना के लोगों के योगदान को याद करते हुए लंबित वित्तीय मामलों पर भी चिंता व्यक्त की।
इस वर्ष मेले को और आकर्षक बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम जोड़े गए हैं। शोभायात्रा में लोक वाद्य कलाकारों की भागीदारी, सतलुज महाआरती, नाट्य उत्सव, 19 मार्च को साहित्य उत्सव तथा “वॉइस ऑफ बिलासपुर” प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विजेताओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही “मिस बिलासपुर 2026” प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है।
18 मार्च से शुरू होने वाले कहलूर उत्सव में स्थानीय कलाकार नाटी, लोक नृत्य और लोक संगीत के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि नलवाड़ी मेला न केवल सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
