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शिमला, 31 मार्च। भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) जल्द ही हिमाचल प्रदेश में स्थानीय किसानों और उत्पादकों से सीधे ताज़े फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद खरीदेगी। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण पहल पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार देर शाम आईटीबीपी के उत्तरी फ्रंटियर कमांडर आईजी मनु महाराज और सेक्टर कमांडर डीआईजी पवन कुमार नेगी के साथ बैठक की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आईटीबीपी स्थानीय स्तर पर उत्पादित सब्जियां, फल, दूध, पनीर, मांस, ट्राउट मछली सहित अन्य कृषि उत्पाद सीधे किसानों, सहकारी समितियों और ग्रामीण उत्पादकों से खरीदेगी। इससे किसानों को अपने गांव में ही स्थायी बाजार उपलब्ध होगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसानों, बागवानों और ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और यह कदम विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से आईटीबीपी को भी उच्च गुणवत्ता वाले ताजे और स्थानीय उत्पादों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जबकि किसानों को एक भरोसेमंद और स्थिर बाजार मिलेगा।
आईजी मनु महाराज ने जानकारी दी कि इस तरह की योजना पहले उत्तराखंड में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है और उम्मीद जताई कि हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों के लोग भी इससे व्यापक लाभ उठाएंगे।
बैठक के दौरान सीमावर्ती गांवों में बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) के विद्युतीकरण को लेकर रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत भी विस्तार से चर्चा की गई। इस पहल से न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
