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बिलासपुर, 03 फरवरी। बिलासपुर स्थित HRTC डिपो में वर्ष 2024 में सामने आए कथित व्यापारिक लगेज टिकट घोटाले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि दिल्ली से हिमाचल के बीच संचालित HRTC बिलासपुर डिपो की बसों में बड़े पैमाने पर व्यापारिक लगेज का परिवहन किया गया, लेकिन निगम की लगेज पॉलिसी के अनुसार उसके लिए अनिवार्य टिकट नहीं बनाए गए।
आपको बता दें इस गंभीर अनियमितता की शिकायत उच्च अधिकारियों व परिवहन मंत्रालय तक पहुंचाई गई, परंतु संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने के प्रयास किए गए। मार्च 2025 में कराई गई विभागीय जांच को भी संदेह के घेरे में बताया जा रहा है, क्योंकि आरोप है कि वास्तविक तथ्यों को छिपाकर और मनगढ़ंत तर्कों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी गई।
शिकायत के बाद चंडीगढ़ बस अड्डे पर बस का निरीक्षण किया गया, लेकिन कथित रूप से निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित रहा और नियमों के उल्लंघन की गहराई से जांच नहीं की गई। इसके पश्चात सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया कि वांछित रिकॉर्ड कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। अब इस पूरे प्रकरण की विजिलेंस स्तर पर भी जांच की जा रही है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
आपको बता दें हाल ही में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा कर्मचारियों की तैनाती उनके पदों के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है और कई कनिष्ठ कर्मचारियों को अन्य पदों पर तैनात किया गया है।
अनिल कश्यप ने बताया कि विभागीय जांच रिपोर्ट को माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी पूरी कर ली गई है, केस का ड्राफ्ट लगभग तैयार है और शीघ्र ही याचिका दायर की जाएगी।
