Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

हिमाचल: शिक्षकों ने ठुकराया सरकार का यह फैंसला, जरूरत पड़ी तो खटखटाएंगे कोर्ट का दरवाजा

Anil Kashyap
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 21 फरवरी। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने शुक्रवार को आयोजित प्रैस वार्ता में सीबीएसई स्कूलों में प्रस्तावित नई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने स्पष्ट कहा कि यदि शिक्षकों की योग्यता परखने के नाम पर किसी भी प्रकार का स्क्रीनिंग टैस्ट लागू किया गया तो उसका पूरे प्रदेश में विरोध होगा और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। प्रैस वार्ता में महासचिव तिलक नायक और जिला शिमला प्रधान तारा चंद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और निदेशक शिक्षा को लिखित सुझाव सौंपते हुए मांग की है कि शिक्षकों की कार्यकुशलता का आकलन बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर किया जाए, न कि किसी अतिरिक्त परीक्षा के जरिए। संघ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी शिक्षक निर्धारित प्रशिक्षण और आयोग की प्रक्रिया से चयनित होकर आए हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार का स्क्रीनिंग टैस्ट उनके आत्मसम्मान और पेशेवर दक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाने जैसा है।

8 प्रमुख सुझावों में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों से परीक्षा न लेने, वर्तमान सीबीएसई विद्यालयों को एक वर्ष का अवसर देने, रिक्त पदों को शत-प्रतिशत भरने, स्थानांतरण प्रक्रिया जारी रखने, पदोन्नति प्रभावित न करने, उपप्राचार्य पद सृजित करने, फीस वृद्धि न करने और निजीकरण का विरोध शामिल है। चौहान ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षक संगठनों से संवाद कर सकारात्मक निर्णय लेगी, अन्यथा विरोध का रास्ता अपनाया जाएगा।

संघ ने शिक्षकों से अपील की है कि वे किसी भी स्क्रीनिंग टैस्ट के लिए आवेदन न करें। अध्यक्ष का कहना है कि यदि शिक्षक इस परीक्षा के लिए आवेदन नहीं करेंगे तो यह समस्या अपने आप ही समाप्त हो जाएगी।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!