न्यूज अपडेट्स
कांगड़ा, 17 फरवरी। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड की एक मानवीय चूक के कारण कांगड़ा के एक उपभोक्ता को उस समय तगड़ा झटका लगा, जब उन्हें मात्र कुछ सौ रुपये की जगह हजारों का बिल थमा दिया गया। कांगड़ा जिले के कोटला उप-मंडल के अंतर्गत आने वाले बागा गांव के रणजीत सिंह को बोर्ड ने 82,049 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल भेज दिया। हालांकि, शिकायत के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि यह सब केवल एक दशमलव की गलती के कारण हुआ था। बोर्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब बिल को संशोधित कर मात्र 286 रुपये कर दिया है।
बिजली बोर्ड के प्रवक्ता अनुराग पराशर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह त्रुटि पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग लेते समय हुई। दरअसल, कर्मचारी ने मीटर की रीडिंग 1420.15 KWH के बजाय गलती से 142015 KWH पढ़ ली थी। दशमलव न लगाने के कारण रीडिंग कई गुना बढ़ गई और बिल 82 हजार रुपये के पार निकल गया। बोर्ड ने 16 फरवरी को नया संशोधित बिल जारी कर उपभोक्ता को राहत प्रदान की।
बोर्ड का कहना है कि वर्तमान में पुराने मीटरों को हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। पुराने मीटरों में रीडिंग लेने का काम इंसानों द्वारा किया जाता है, जिसमें इस तरह की मानवीय त्रुटियों की आशंका बनी रहती है। स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक हैं, जिनसे बिलिंग में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलते समय 'फाइनल रीडिंग' मैन्युअल तरीके से ली जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों से भी बिल अधिक आने की शिकायतें मिल रही हैं। बोर्ड ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि यदि किसी का बिल असामान्य रूप से अधिक आता है, तो वे तुरंत संबंधित उप-मंडल कार्यालय में संपर्क करें।
