न्यूज अपडेट्स
मंडी, 06 फरवरी। राजनीति के गलियारों में मंडी से प्रिविलेज मोशन की एक ऐसी तस्वीर उभरी है जो चिल्लर फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। ताजा मामला कानून मंत्री यादविंदर गोमा और मंडी के डिप्टी कमिश्नर अपूर्व देवगन के बीच का है।
मंत्री ने विधानसभा स्पीकर को प्रिविलेज मोशन का नोटिस थमाया है। इस पर चीफ सेक्रेटरी संजय गुप्ता ने मंडी डीसी से जवाबतलबी करते हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी अवगत करवा दिया है। मंत्री ने आरोप प्रोटोकॉल वायलेशन का लगाया है। इस प्रिविलेज मोशन की इनसाइड स्टोरी में कुछ ऐसे भी रंग भरे हैं जो पॉवर में गरूर की ओर इशारा करते हैं। रात को वह दरवाजे तक तो आए, लेकिन नींद की आगोश में सोयी ताकत को जगा नहीं पाए। रात के अंधेरे में गरूर के शरूर में सत्ता के समक्ष हाजिरी भरने की मजबूरी बस इतनी भर थी कि शिकायती तार शिमला तक जोड़ दिए गए। इसी दबाव से शॉर्ट सर्किट ऐसा हुआ कि दिमाग की बत्ती ही गुल होकर दरवाजे पर खड़ा कर गई। इस रात की गेड़ी का जिक्र दिन के उजाले में किया नहीं गया और कांग्रेसियों ने अपनी नाराजगी का लावा इस कद्र उवाला कि गैर हाजिरी को विधानसभा की साख से जोड़कर प्रिविलेज मोशन भेज दिया।
गैर हाजिरी का जब कोई जिक्र नहीं हुआ तो फिर बात प्रिविलेज मोशन के नोटिस तक पहुंच गई। यह मसला शुरू होता है, 25 जनवरी की शाम से। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मंत्री गोमा मंडी पहुंचे, लेकिन डीसी अपूर्व देवगन कहीं नजर नहीं आए। मंत्री के मुताबिक, प्रोटोकॉल के तहत डीसी को आना जरूरी था, लेकिन न तो फोन आया और न ही कोई मैसेज। गोमा कहते हैं कि मंडी डीसी को प्रिविलेज मोशन का नोटिस दिया गया है। इस मामले में विधानसभा ही संज्ञान लेगी। इसमें क्या हुआ इसका आईडिया नहीं है।
मंडी डीसी अर्पूव देवगन में इस मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। चीफ सेक्रेटरी की ओर से भेजे पत्र के बाद अपना पक्ष रखने की तैयारी जरूर की जा रही है। ऐसे में क्या यह मोशन पास होगा या फिर रात दी गेड़ी वाली कहानी सिर्फ एक अफवाह साबित होगी, लेकिन इतना तय है कि मंडी की राजनीति में अब प्रिविलेज का यह गाना लंबे समय तक गूंजेगा।
DC के खिलाफ लॉबिंग तेज़
मंत्री द्वारा प्रिविलेज मोशन लाए जाने के बाद मंडी के कुछ कांग्रेसी डीसी के खिलाफ लामबंद हो गए। इस दौरान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री सहित लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से भी डीसी के खिलाफ शिकायतें की गई हैं। शिकायतकर्ता कांग्रेसियों में कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हैं।
