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शिमला, 04 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के पुलिस कॉलेज डरोह में आयोजित ‘रोजगार संकल्प मेले’ के दौरान प्रदेश पुलिस के 1253 नवनियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस बार पुलिस भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती के पेपर लीक हुए थे, जिसके चलते युवाओं के दबाव में भर्ती प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी थी। वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस भर्ती परीक्षा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से करवाई।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी दो महीनों के भीतर 800 और पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश पुलिस और अधिक सशक्त होगी तथा कानून-व्यवस्था को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कांस्टेबलों से कहा कि वे केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी, पहचान और मिशन को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शांति, संस्कृति और देवभूमि के लिए जाना जाता है और नशे के खिलाफ सरकार ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश पुलिस सबसे मजबूत ताकत है।
उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवा (ईआरएसएस-112) में औसत प्रतिक्रिया समय के मामले में हिमाचल पुलिस पूरे देश में पहले स्थान पर है। वहीं, सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) में पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। आईटीएसएसओ (इन्वेस्टिगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंसेस) में भी हिमाचल पुलिस देशभर में लगातार पांचवें स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस वर्दी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि देश की प्रतिष्ठित कंपनियों से उत्तम गुणवत्ता का कपड़ा खरीदा जाए। साथ ही, पुलिस कांस्टेबलों की यूनिफॉर्म ग्रांट बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष से सभी भूतपूर्व सैनिक 10 वर्ष की सेवा के बाद हॉनरेरी हेड कांस्टेबल और 15 वर्ष की सेवा के बाद हॉनरेरी सहायक उप-निरीक्षक बनाए जाएंगे। कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए बी-1 परीक्षा को लेकर सरकार उच्च न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चिट्टा माफिया के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई छेड़ी है। वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2149 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक हैं। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेश में जन आंदोलन चलाया जा रहा है, जिसमें एंटी-चिट्टा अवेयरनेस वॉकथॉन एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने बताया कि चिट्टा में संलिप्त 12 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है और अन्य विभागों के दोषी कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग ने विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन भी किया। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, विधायक किशोरी लाल और मलेंद्र राजन, हिमाचल प्रदेश कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर, एपीएमसी कांगड़ा के चेयरमैन निशु मोंगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, एसपी अशोक रतन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
