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बिलासपुर, 20 फरवरी। जिला बिलासपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध कैप्सूल बरामद किए हैं। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर नाकाबंदी के दौरान 6890 प्रेगाबालिन 300 एमजी कैप्सूल जब्त किए गए। दवाइयों के संबंध में कोई वैध बिल या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद पुलिस ने मामला ड्रग्स विभाग को सौंप दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर थाना की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि फोरलेन मार्ग से अवैध दवाइयों की खेप गुजरने वाली है। सूचना के आधार पर पट्टा क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की गई। इसी दौरान एचपी-12एन-2815 नंबर की कार को जांच के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर कार से 6890 प्रेगाबालिन 300 एमजी कैप्सूल बरामद हुए। पुलिस द्वारा जब वाहन सवार व्यक्तियों से दवाइयों के बिल और अन्य दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दवाइयों को विधिवत जब्त कर लिया गया और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
कार में सवार दो व्यक्तियों की पहचान सुखविंद्र सिंह (33), निवासी नालागढ़ जिला सोलन और मंजीत सिंह (35), निवासी आनंदपुर साहिब, पंजाब के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दवाइयां कहां से लाई गई थीं और इन्हें किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवा का परिवहन व्यक्तिगत उपयोग के लिए संभव नहीं है। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि दवाइयों की सप्लाई किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से की जा रही थी।
प्रेगाबालिन सामान्य रूप से तंत्रिका संबंधी रोगों और दर्द के उपचार में उपयोग की जाने वाली दवा है, लेकिन हाल के समय में इसके नशे के रूप में दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस इस तरह के मामलों को गंभीरता से ले रहे हैं। सदर थाना पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पूरा मामला ड्रग्स विभाग बिलासपुर को सौंप दिया है। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है।
एसपी बिलासपुर ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जिले में लगातार की जा रही सघन जांच और नाकाबंदी से यह स्पष्ट है कि पुलिस अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
