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बिलासपुर, 17 फरवरी। बिलासपुर क्षेत्र की लगभग 70 वर्षीय गरीब विधवा कलादेवी की दर्दनाक स्थिति आज जिला अस्पताल में सामने आई, जहाँ वह एक्सरे रूम के बाहर स्ट्रेचर पर असहाय अवस्था में पड़ी मिली। बताया जा रहा है कि गिरने से उनकी कमर का चूला टूट गया है और उन्हें तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 35 हजार रुपये बताई गई है।
कलादेवी गोबिंद सागर झील के उस पार स्थित बैहना जट्टां गांव की निवासी हैं। उनके परिवार की हालत बेहद दयनीय है। उनका बेटा दिव्यांग है, जबकि बेटी विवाहित है और स्वयं एक साधारण परिवार में रहती है। वही बेटी किसी तरह मां को अस्पताल लेकर आई है और उनकी देखभाल कर रही है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ है।
जब चिकित्सकों को दिखाया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ऑपरेशन के कलादेवी का ठीक होना मुश्किल है, लेकिन आर्थिक अभाव उनके इलाज में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। इस बीच कहलूर सेवा समिति, बिलासपुर ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपनी सामर्थ्य अनुसार ₹5000 की आर्थिक सहायता प्रदान की है, ताकि इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
इस मामले में जब जिला प्रशासन से मदद की उम्मीद की गई तो पता चला कि उपायुक्त बिलासपुर अवकाश पर हैं, जिससे तत्काल कोई सहायता नहीं मिल सकी। यह स्थिति एक बार फिर दर्शाती है कि गरीब और असहाय लोगों को समय पर मदद मिलना कितना कठिन हो जाता है।
आज भी कलादेवी अस्पताल में मदद की आस लगाए पड़ी हैं। समाजसेवी संस्थाओं, एनजीओ, जनप्रतिनिधियों और दानदाताओं से अपील की जा रही है कि वे आगे आकर इस बेसहारा बुजुर्ग महिला के इलाज में सहयोग करें, ताकि उसे नया जीवन मिल सके। यह सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता की परीक्षा है।
