न्यूज अपडेट्स
शिमला, 13 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को थाम सा दिया है। शीतलहर की कंपकंपाती मार से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जबकि घने कोहरे ने सड़कों, रेल, हवाई रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। इसी बीच राहत की खबर यह है कि प्रदेश में ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम करवट ले सकता है और आने वाले दिनों में बारिश व बर्फबारी की उम्मीद जगी है। हालांकि इस बार लोहड़ी पर बारिश और बर्फबारी के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस समय मौसम के दो चेहरे साफ नजर आ रहे हैं। एक ओर भीषण शीतलहर और घना कोहरा लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने सूखे हालात से जूझ रहे प्रदेश को राहत की आस दिखाई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में तीन दिन बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा शीतकालीन मौसम में प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 88 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। कई क्षेत्रों में हालात सूखे जैसे बन गए हैं। ऐसे में बारिश.बर्फबारी का यह संभावित दौर न केवल किसानों और बागवानों के लिए, बल्कि जलस्त्रोतों के लिहाज से भी राहत भरा साबित हो सकता है।
हालांकि राहत से पहले प्रदेश को कड़ाके की ठंड और कोहरे की मार झेलनी पड़ रही है। शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है और राज्य के 18 से अधिक स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। बरठीं, हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और मंडी में शीतलहर दर्ज की गई है। ठंड इतनी तीखी है कि सुबह और रात के समय लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
शिमला में भले ही रात के तापमान में हल्का सुधार दर्ज किया गया हो, लेकिन आसपास के क्षेत्रों में ठंड का असर कायम है। रविवार को शिमला और आसपास के इलाकों में धूप खिली रहीए हालांकि हल्के बादल भी छाए रहे।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 15 जनवरी तक प्रदेश में मौसम सामान्यत साफ बना रह सकता है। 15 जनवरी की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते 16 से 18 जनवरी के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं 12 से 16 जनवरी तक बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में सुबह और देर रात घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर शीतलहर को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
घने कोहरे ने खासकर मैदानी और निचले क्षेत्रों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। ऊना क्षेत्र में सुबह सूरज निकलने के बावजूद रेलवे ट्रैक पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे रेल यातायात बाधित हुआ। वंदे भारत एक्सप्रेस और साबरमती एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से देरी से ऊना रेलवे स्टेशन पहुंचीं। दृश्यता बेहद कम होने के कारण ट्रेनों की गति धीमी रखनी पड़ी।
ठंड और कोहरे का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा है। प्रदेश में आए पर्यटक बर्फबारी की उम्मीद में पहाड़ी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं, लेकिन अत्यधिक ठंड और खराब दृश्यता के कारण कई जगह आवाजाही प्रभावित हो रही है। होटल व्यवसायियों के अनुसार पर्यटक मौसम को लेकर उत्साहित तो हैं, लेकिन कोहरे और शीतलहर ने उनकी योजनाओं में भी रुकावट पैदा की है।
