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शिमला, 12 जनवरी। हिमाचल परिवहन कर्मचारी महासंघ (INTUC), परिवहन मजदूर संघ (AITUC), सर्व कर्मचारी यूनियन, तकनीकी कर्मचारी, चालक-परिचालक एवं निरीक्षक स्टाफ संगठन के पदाधिकारियों ने हिम बस कार्ड को लेकर मीडिया में चल रही खबरों का कड़ा विरोध जताया है।
संगठनों के पदाधिकारियों सर्वश्री समर चौहान, जिया लाल, प्यार सिंह, हरीश पराशर, ऋषि लाल, संजय बड़वाल, खेमेन्द्र गुप्ता, हितेन्द्र कंवर, खेम चंद, हरि कृष्ण, हरि लाल, पदम शर्मा, बाल कृष्ण एवं सुंदर लाल ने संयुक्त बयान में कहा कि कुछ मीडिया माध्यमों द्वारा बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस प्रकार की खबरें प्रकाशित की जा रही हैं, जो पूरी तरह भ्रामक हैं।
संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया कि परिवहन विभाग द्वारा हिम बस कार्ड से संबंधित अभी तक कोई भी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद ऐसी खबरें चलाए जाने से परिवहन कर्मचारियों में निराशा और हताशा का माहौल बन रहा है।
सभी संगठनों ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि भविष्य में इस तरह की खबरें प्रकाशित करने से पहले उनका समुचित सत्यापन अवश्य किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस संबंध में कोई भी अधिसूचना जारी की जाती है, तो उसका संगठित और पूर्ण विरोध किया जाएगा।
संघों ने आरोप लगाया कि इस तरह का कोई भी निर्णय निजी आईटी कंपनियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया प्रतीत होता है। यदि ऐसा निर्णय लागू किया गया, तो यह निगम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के हितों की अनदेखी को दर्शाएगा और कर्मचारियों का मनोबल गिराने का प्रयास माना जाएगा।
हालांकि संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे आईटी के माध्यम से निगम की आर्थिकी को मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत करते हैं, लेकिन आईटी की आड़ में किसी भी प्रकार के कर्मचारी-विरोधी फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि यदि निगम प्रबंधन आईटी व्यवस्था पर खर्च की जा रही ऊर्जा का कुछ हिस्सा जमीनी वास्तविकताओं की जांच और सुधार में लगाए, तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।
